लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने गन्ना किसानों की मदद के लिए कुछ नहीं किया. बता दें कि गन्‍ना मंत्री की तरफ से यह बयान सपा विधायकों की ओर से विधानसभा में गन्‍ना किसानों को लेकर किए प्रदर्शन के बाद आया है. उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सपा विधायकों ने विधान भवन स्थित पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थल के पास धरना-प्रदर्शन किया था.Also Read - सुना है कि बीजेपी अपने 150 MLA के टिकट काटने जा रही... हमने 300 सीटों को पार कर लिया: अखिलेश यादव

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उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने यहां भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष को अच्छी तरह मालूम है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के किसानों के लिए कौन से विविध कल्याणकारी कदम उठाये. उन्होंने कहा कि यह कहना सपा की हताशा दर्शाता है कि योगी सरकार ने किसानों के लिए बहुत कम कार्य किया है. आंकड़े सही कहानी कहते हैं. सपा शासनकाल में 2015—16 के दौरान 18 हजार करोड़ रूपये का गन्ना किसानों से खरीदा गया जबकि 2017—18 के दौरान भाजपा के शासनकाल में यह आंकड़ा 35 हजार पांच सौ करोड़ रूपये का है. उन्होंने कहा कि जहां तक आलू की कीमतों का प्रश्न है, तो भाजपा सरकार ने ही आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है. Also Read - UP Election 2022: BSP के 'जाटव' वोटों में सेंध की तैयारी में BJP, मायावती के खिलाफ प्रत्याशी के नाम पर मुहर

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सपा सरकार के एजेंडा में कभी नहीं रहा किसान

राणा ने कहा कि राजधानी में जगह-जगह आलू फेंकने की सपा नेताओं की साजिश का सभी को पता है. किसान कभी सपा सरकार के एजेंडा में रहा ही नहीं.

विफलताएं छिपाने के लिए संक्षिप्त शीतकालीन सत्र बुलाने के सपा के आरोप पर राणा ने कहा कि हमें सपा से किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है. हमें जनता और किसान के प्रमाणपत्र की आवश्यकता है. उन्होंने पूर्व में हमें आशीर्वाद दिया है और आगे भी देते रहेंगे.