लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) जवानों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता पूर्व काबीना मंत्री आजम खां के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी है.

रामपुर की अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने बताया कि आजम खां द्वारा अभद्र टिप्पणी करने के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गयी है. अब उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा. बता दें कि भाजपा के पूर्व विधायक शिव बहादुर सक्सेना के बेटे आकाश सक्सेना ने पिछले साल आजम खां के आपत्तिजनक बयान पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.

जौहर विश्वविद्यालय मामले में सपा नेता आजम खान को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

छत्तीसगढ़ में नक्सल हमले में सीआरपीएफ के शहीद हुए थे 25 जवान
अप्रैल 2017 में छत्तीसगढ़ में हुए नक्सल हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों के शहीद होने की वारदात का जिक्र करते हुए खां ने गत वर्ष 28 जून को एक कार्यक्रम में कहा था कि हथियारबंद औरतों ने फौज को मारा और लाशों से जिस्म का जो हिस्सा था वह काटकर ले गयीं. वो हिन्दुस्तान की एक असल जिंदगी का पर्दा उठाती है. कहीं कोई किसी का सिर तो कोई हाथ काटकर ले जाता है लेकिन इस मौके पर महिला दहशतगर्द फौज के प्राइवेट पार्ट को काटकर ले गये. उन्हें जिस्म के जिस हिस्से से शिकायत है, उसे काटकर ले गयीं. ये इतना बड़ा संदेश है जिस पर पूरे हिन्दुस्तान को शर्मिंदा होना चाहिये और सोचना चाहिये कि हम दुनिया को क्या मुंह दिखाएंगे. इस मामले में आजम खां के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए और 505 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था.