लखनऊ: सिविल सर्विसेज में बदलाव की तैयारी कर रही केंद्र सरकार के फैसले का विरोध शुरू हो गया है. समाजवादी पार्टी ने नेता शिवपाल सिंह यादव ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं इसकी निंदा करता हूं. वर्तमान प्रणाली अच्छी तरह से चल रही है और इसमें पक्षधरता की संभावना कम है. सरकार के इस फैसले से डर और दबाव में रह रहे एससी/एसटी/ओबीसी/ अल्पसंख्यक वर्ग के मन में पक्षपात होने की आशंका है. Also Read - मामूली घरेलू विवाद में पिता को आया इतना गुस्सा कि दोस्त के साथ तीन बेटियों को नदी के पास ले जाकर....! तलाश जारी

शिवपाल यादव ने ट्वीट कर जताया विरोध
शिवपाल यादव ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि ‘संघ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित अभ्यर्थियों के कॉडर एवं सेवा आवंटन नियमों में संशोधन करने के केंद्र सरकार के फैसले की मैं दृढ़ता से निंदा करता हूं. संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सर्विस की परीक्षा पहले से ही सर्वग्राही है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार द्वारा विस्तृत पैमाने पर समग्र मूल्यांकन किया जाता है. वर्तमान प्रणाली अच्छी तरह से चल रही है और इसमें पक्षधरता की संभावना कम है. सरकार के इस फैसले से डर और दबाव में रह रहे एससी/एसटी/ओबीसी/ अल्पसंख्यक वर्ग के मन में पक्षपात होने की आशंका है. मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि पूर्व की व्यवस्था, जिसमें सर्व वर्गों का विश्वास है, उसे बनाए रखें.’ Also Read - Noida: गार्मेंट कंपनी में लगी भीषण आग, एक दर्जन दमकल गाड़ियों को घंटों करनी पड़ी मशक्कत

ये है पूरा मामला
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) को एक प्रस्ताव भेजा है, अगर उसे मंजूरी मिल जाती है तो UPSC परीक्षा पास करने के बाद कॉडर और सर्विस तय नहीं किया जाएगा. प्रस्ताव के मुताबिक, इसका निर्धारण फाउंडेशन कोर्स के बाद किया जाएगा. PMO के इस प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया है. इस संबंध में समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सरकार का यह प्रस्ताव पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ है. शिवपाल सिंह यादव ने एक ट्वीट कर अपना विरोध जताया है.