नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के बीच गठबंधन हो चुका है. इसे मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है. जिस दिन इस गठबंधन का एलान हुआ था उस दिन मायावती ने इसे गुरु-चेले (पीएम मोदी और अमित शाह) की नींद उड़ाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस बताया था. दोनों ही पार्टियां 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. भले ही इस गठबंधन को बीजेपी की नींद उड़ाने वाला ऐतिहासिक गठबंधन बताया जा रहा हो लेकिन सपा के ही विधायाक इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते. फिरोजाबाद के सिरसागंज विधायक हरिओम यादव का कहना है कि इस गठबंधन का फिरोजाबाद में कोई असर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि यह गठबंधन यहां काम नहीं करेगा.

गठबंधन से नाराज हरिओम यादव ने कहा कि यह गठबंधन तभी तक चल सकता है जब तक हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बहनजी की हां में हां मिलाते रहेंगे और घुटने टेकते रहेंगे. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव जैसे विशाल ह्रदय वाले व्यक्ति के साथ गठबंधन नहीं चला तो इनके साथ कैसे चलेगा. सपा विधायक ने रविवार को प्रेसवार्ता में यह बातें कहीं. उन्होंने कहा कि मैंने सिरसागंज क्षेत्र में जितना विकास अखिलेश यादव के सहयोग से कराया, उतना पूरे उत्तर प्रदेश की किसी विधानसभा क्षेत्र में विकास नहीं हुआ.

बता दें कि संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि भाजपा के अहंकार का विनाश करने के लिए बसपा और सपा का मिलना बहुत जरूरी था. अखिलेश ने कहा था कि सपा कार्यकर्ता यह बात गांठ बांध लें कि मायावती जी का सम्मान मेरा सम्मान है, उनका अपमान मेरा अपमान है…मायावती का देशहित में लिए गए इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद देता हूं. समय के साथ दोनों पार्टियों के संबंध और मजबूत होंगे. हमने गठबंधन पर उस दिन मुहर लगा दी थी जब राज्यसभा के लिए सपा-बसपा के संयुक्त उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को छल-कपट से हराया गया था. हम भाजपा का अहंकार तोड़ेंगे.