लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, उनकी विधायक पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में अदालत के आदेश पर बुधवार को दो मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. Also Read - UP: CM Yogi का बड़ा फैसला, COVID19 वैक्‍सीनेशन में मीडि‍याकर्मियों और उनके परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता

उत्‍तर प्रदेश के रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान, उनकी विधायक पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में अदालत के आदेश पर बुधवार को दो मार्च तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. Also Read - UP Gram UP Panchayat Chunav Result: नेता प्रतिपक्ष समेत कई दिग्गजों के रिश्तेदारों को मिली हार

आजम, रामपुर से विधायक उनकी पत्नी तजीन और सवार सीट से विधायक पुत्र अब्दुल्ला ने अपर जिला न्यायाधीश 6 (एमपी, एमएलए) धीरेंद्र कुमार की अदालत में समर्पण किया, जहां से तीनों को दो मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. Also Read - UP Panchayat chunav 2021 Results: यूपी पंचायत चुनावों की मतगणना कल, शिक्षक संगठनों ने की बहिष्कार की घोषणा

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि अदालत ने आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला और पत्नी तजीन फातिमा को दो मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि आज कई मुकदमों की सुनवाई थी. उनमें अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने का मामला प्रमुख था.

एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे
अदालत ने गत 24 फरवरी को आजम खां परिवार की अग्रिम जमानत की याचिका ठुकरा दी थी और उसकी सम्पत्ति की कुर्की का आदेश देते हुए गैर जमानती वारंट भी जारी किया था. गौरतलब है कि विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने गत मंगलवार को तीनों के कुर्की वारंट के साथ ही गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किए थे.

जांच में आरोप सही मिले
भाजपा के स्थानीय नेता आकाश सक्सेना ने पिछले साल दर्ज कराए गए मुकदमे में अब्दुल्ला के दो-दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाये जाने का आरोप लगाया था. एक प्रमाण पत्र रामपुर से तो दूसरा लखनऊ से जारी किया गया है. जांच में आरोप सही पाए ग्‍ए.

साजिश करके अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाए
रामपुर नगर पालिका द्वारा जारी एक जन्म प्रमाणपत्र में अब्दुल्ला की जन्मतिथि एक जनवरी 1993 लिखी है. वहीं दूसरे प्रमाणपत्र में उनका जन्मस्थान लखनऊ दिखाया गया है और उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 लिखी है. आरोप है कि आजम और उनकी पत्नी तजीन ने साजिश करके अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाए. अदालत ने इस मामले में पेश होने के लिए कई बार समन जारी किए, लेकिन आजम खां और उनका परिवार हाजिर नहीं हुआ. उसके बाद अदालत ने कुर्की और गैरजमानती वारंट जारी किया था.

सपा ने भाजपा पर बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया
सपा ने इस घटनाक्रम के लिए परोक्ष रूप से सत्तारूढ़ भाजपा पर आरोप लगाते हुए इसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है. पार्टी ने ट्वीट किया ‘समाजवादी पार्टी बदले की भावना से किसी भी कार्रवाई को उचित नहीं मानती है. राग- द्वेष से सरकारें काम नहीं कर सकती.’ सपा ने कहा ‘समाजवादी पार्टी भी न्यायिक प्रणाली पर भरोसा करती है. अदालत पर विश्वास है कि न्याय मिलेगा.’

जेल भेजने के अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं: बीजेपी
उधर, भाजपा ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया है. पार्टी प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन ने कहा, आजम खां ने सिर्फ अपने लिए ही राजनीति की. यह गरीबों के शोषण का फल है. हम उन्हें जेल भेजने के अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को ऐसे लोगों को अपने साथ राजनीति में जोड़ने पर सफाई देनी चाहिए.