नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक क्रांति होगी. अखिलेश ने ट्वीट करते हुए कहा कि आज की विघटनकारी-रूढ़िवादी नकारात्मक राजनीति सत्ता के विरुद्ध एकजुट शोषित, उपेक्षित, उत्पीड़ित, अपमानित दलित, दमित, वंचित, ग़रीब, किसान, मज़दूर, महिला व युवाओं की ‘नयी राजनीति’ जन्म ले रही है. और 2022 में यूपी (UP Assembly Election 2022) में चुनाव नहीं लोकतांत्रिक क्रांति होगी.Also Read - तो क्या आजमगढ़ से चुनाव लड़ने के लिए नहीं तैयार थे धर्मेंद्र यादव, उपचुनाव के झटकों से कैसे उबरेगी सपा?

अखिलेश यादव ने एक अन्य ट्वीट में शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाया. अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उपमुख्यमंत्री के आवास के बाहर ‘69000 शिक्षक भर्ती’ के अभ्यर्थियों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई अति निंदनीय है. जीवन के सबक याद कराने वाले शिक्षक भाजपा सरकार द्वारा किया गया ये अपमान व उत्पीड़न कभी नहीं भूलेंगे. क्या यही है ‘विश्व गुरु’ बनने की राह. Also Read - President Eletion: यशवंत सिन्हा ने भरा नामांकन, साथ में दिखे राहुल गांधी और शरद पवार

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अखिलेश ने किसानों की बात भी की. ट्वीट में अखिलेश ने कहा कि आज ग़ाज़ीपुर बार्डर पर कुछ लोगों ने जिस तरह तोड़फोड़ कर किसानों व किसान नेताओं को बदनाम करने की साज़िश है, वो खेल अब देश-प्रदेश की जनता समझ चुकी है. किसानों को बदनाम करके भाजपा के हाथ सालों तक कुछ नहीं आने वाला. ये भाजपा की हताशा का वीभत्स रूप है.