लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने राज्य में रविवार को हुई सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों की जगह सवाल हल करने वाले दूसरे व्यक्ति को बैठाकर परीक्षा देने और दिलाने वाले गिरोह के मुख्य सरगना सहित चार सदस्यों को इलाहाबाद में गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए लोगों के पास से 5 आधार कार्ड, 3 मोबाइल सेट, 6 प्रवेश पत्र, दो वोटर आईडी कार्ड, करीब 66,000 रुपए नकद और एक कार बरामद की गई है. ये साल्वर बिहार समेत कई जगह से बुलाए जाते थे और इन्हें 50-50 हजार रुपए दिए जाते थे, जबकि गिरोह ढाई से तीन लाख रुपए साल्वर बिठाने के बदले लेने की बात तय की थी.

एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों में हुई सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2019 में व्यापक स्तर पर होने वाली अनियमितताओं, पेपर आउट कराने वाले, किसी अभ्यर्थी की जगह दूसरे साल्वर को बैठा कर परीक्षा दिलाने वाले एवं ठगी कर अभ्यर्थियों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थीं. इस पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने परीक्षा में गड़बड़़ी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना नागेंद्र सिंह के साथ साथ सुरेश कुमार यादव राजेश यादव और मनोहर कुमार शाह को इलाहाबाद में अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया.

एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए लोगों के पास से 5 आधार कार्ड, 3 मोबाइल सेट, 6 प्रवेश पत्र, दो वोटर आईडी कार्ड, करीब 66,000 रुपए नकद और एक कार बरामद की गई है. पूछताछ पर मुख्य अभियुक्त नागेन्द्र ने एसटीएफ को बताया कि वह पिछले काफी दिनों से ऐसी गतिविधियों में लिप्त है. वह बिहार से और स्थानीय स्तर पर भी साल्वर बुलाकर लगभग हर प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठाता है.

उसने बताया कि रविवार को सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में विभिन्न जिले में अलग-अलग केंद्रों पर कुछ अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने के लिए उसने मनोहर कुमार शाह और राजेश यादव को बैठाया था जिन्हें वह 50-50 हजार रुपए देता. जिसके बदले उसे ढाई से तीन लाख रुपए मिलते. पकड़े गए एक अन्य अभियुक्त सुरेश कुमार यादव ने पूछताछ में बताया कि वह शिक्षा मित्र है और उसने परीक्षा पास कराने के लिए नागेंद्र को एक लाख रुपए पेशगी देकर सॉल्वर बैठाने के लिए बात की थी. इस संबंध में मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.