महोबा: यूपी के महोबा जिले में क्रशर व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बहुचर्चित मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की तफ्तीश के हवाले से प्रयागराज जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) ने कहा कि त्रिपाठी की खुद की लाइसेंसी पिस्तौल से चली गोली से मौत हुई.Also Read - UP Police Recruitment 2022: यूपी पुलिस में 2,430 पदों पर बंपर भर्ती, आवेदन की प्रक्रिया आज से शुरू

एडीजी प्रेम प्रकाश ने शुक्रवार देर रात आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी की लाइसेंसी पिस्तौल से चली गोली से ही उनकी मौत हुई.” एडीजी प्रेम प्रकाश ने एसआईटी जांच का हवाला देते हुए कहा, “आठ सितंबर को नहदौरा गांव के पास कबरई-बांदा मार्ग पर अपनी कार में घायल मिले क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी की लाइसेंसी पिस्तौल से सामने से गोली चली थी और गोली उनके गले को भेदते हुए पीछे वाली सीट में जाकर फंस गई थी.” Also Read - Mumbai Hindi News: नाबालिग संग दुष्कर्म के आरोप में पिता गिरफ्तार, भाई ने भी किया गलत काम

एडीजीने कहा, ”आगरा की विधि विज्ञानशाला में पिस्तौल और कार की सीट में फंसी पायी गोली की जांच में इसकी पुष्टि हुई है.” उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, “फिलहाल अभी मामले की विवेचना चल रही है, निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार या अन्य आरोपियों को क्लीन चिट नहीं दी गई है. एसआईटी ने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भेज दी है.” Also Read - Mumbai Hindi News: मुंबई में पहली बार 'गे सेक्स रैकेट' का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार

बता दें कि सात और आठ सितंबर को महोबा के पुलिस अधीक्षक पाटीदार के खिलाफ रिश्वत मांगने, झूठे मुकदमों में फंसाने और अपनी हत्या की आशंका व्यक्त करने संबंधित वीडियो वायरल करने के कुछ घंटे बाद क्रशर व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी अपनी कार में गोली लगने के बाद घायल मिले थे.

वीडियो वायरल होने और व्यवसायी के घायल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधीक्षक पाटीदार को निलंबित कर दिया था.

शुक्रवार (11 सितंबर) को इंद्रकांत के बड़े भाई रविकांत की तहरीर पर पुलिस अधीक्षक पाटीदार, कबरई के निलंबित थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला और दो अन्य विस्फोटक सामग्री व्यवसायी सुरेश सोनी व ब्रम्हदत्त के खिलाफ जबरन धन वसूली (386), हत्या का प्रयास (307), साजिश रचना (120बी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा-7/8 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था.

इसके बाद रविवार (13 सितंबर) को कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान घायल व्यवसायी इंद्रकांत की मौत होने के बाद मंगलवार (15 सितंबर) को शासन के आदेश पर पुलिस महानिदेशक ने वाराणसी के आईजी विजय सिंह मीणा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था.