लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीट पर बुधवार को भाजपा उम्मीदवार सुधांशु त्रिवेदी निर्विरोध निर्वाचित हुए. विधानसभा के विशेष सचिव बी बी दुबे ने बताया कि बुधवार को नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख थी और त्रिवेदी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया. भाजपा प्रत्याशी ने बीते सप्ताह शुक्रवार को नामांकन किया था.

दुबे ने बताया कि त्रिवेदी प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे. योगी आदित्यनाथ सरकार में वरिष्ठ मंत्री ब्रजेश पाठक, आशुतोष टंडन, मोहसिन रजा और उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष जे पी एस राठौर त्रिवेदी के साथ मौजूद रहे.

प्रदेश विधानसभा में भाजपा के जबरदस्त बहुमत के चलते त्रिवेदी का निर्वाचित होना तय था. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता त्रिवेदी भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे अरूण जेटली के निधन के बाद रिक्त हुई सीट के लिए निर्वाचित हुए.

अरुण जेटली इस सीट से 2018 में निर्वाचित हुए थे. उनका कार्यकाल 2024 तक था. जेटली का इसी साल अगस्त में निधन हो गया. त्रिवेदी भाजपा से लंबे समय से जुड़े रहे हैं. वह संसद में अपनी पहली पारी खेलने जा रहे हैं.

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली से जुड़ाव होने के कारण यह सीट काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी. आपको बता दें कि सुधांशु त्रिवेदी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी किया हुआ है. सुधांशु त्रिवेदी को सबसे कम उम्र में मुख्यमंत्री का सूचना सलाहकार होने और भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक सलाहकार होने का श्रेय भी है.

लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले सुधांशु को राज्यसभा में भेजने का फैसला लेकर भाजपा नेतृत्व ने उनको ब्राह्मण चेहरे के तौर पर उभारने का संकेत भी दिया है, वहीं संगठन को भी महत्व दिया है. सुधांशु त्रिवेदी लंबे समय से संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं.

(इनपुट-भाषा)