बरेली: जनपद के प्राथमिक विद्यालय में टीचर्स का एकअजब गजब कारनामा सामने आया है. प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों की बदहाली की स्थिति किसी से छुपी हुई नहीं है. चाहे मिड डे मील में कीड़े मिलने की बात हो या अध्यापकों के बीच आरोप प्रत्यारोप. ताजा घटनाक्रम हतप्रभ करने वाला है जहां शुक्रवार को टीचर बच्चों को स्कूल में ही बन्द कर कहीं चले गये और स्कूल में बन्द बच्चे बुरी तरह रोते रहे.

ताले में बन्द बच्चे लगा रहे थे गुहार
पूरा मामला नवाबगंज के रिछोला चौधरी गाँव का है. यहां प्राथमिक और जूनियर स्कूल एक ही परिसर में संचालित होते हैं. दोनों स्कूलों में करीब 170 बच्चे पढ़ते है. शुक्रवार को स्कूल के टीचर बच्चों को बंद कर कहीं चले गए. काफी देर तक जब वे नहीं लौटे तो बच्चों ने रोना शुरू कर दिया. बच्चों के रोने की आवाज सुन गांव के लोग स्कूल पहुंचे और मेन गेट का ताला तोड़ बच्चों को बाहर निकाला.

UP: सरकारी स्‍कूल बना ‘मदरसा’, रविवार की जगह शुक्रवार को होती है छुट्टी

एसडीएम से की शिकायत
बच्चों ने बताया कि शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल महेश चंद्र दिवाकर और जूनियर स्कूल की इंचार्ज सुजाता ही स्कूल आये थे. बताया जाता है कि करीब 11 बजे दोनों मेन गेट पर ताला डाल कहीं चले गए थे. ग्रामीणों के मुताबिक दोपहर बाद शिक्षक-शिक्षिका वापस लौटे. ग्रामीणों ने हंगामा कर मामले की सूचना एसडीएम को दी.

प्राथमिक स्कूलों को मदरसा बनाने की होगी जांच, स्कूलों के नाम के आगे जोड़ा गया ‘इस्लामिया’ जुमे को होती थी छुट्टी

टीचर ने कहा गांव वालों ने ही नहीं खोलने दिया ताला
उधर टीचर्स का कहना है कि उन्हें फंसाया जा रहा है. 12.50 बजे वह ताला बंद कर कुछ रिपोर्ट देने मुख्यमार्ग तक गए थे. हम तुरंत ही वापस लौट आये और ग्रामीणों ने ताला नहीं खोलने दिया हालांकि मौके की तस्वीरें कोई और ही कहानी बयां कर रही हैं.

बीएसए तनुजा मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है. दोषी पाए जाने पर घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा.