नई दिल्ली: राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक में महंत नृत्य गोपाल दास (Nitya Gopal Das) को ट्रस्ट का अध्यक्ष नामित किया गया है. बैठक के बाद तय हुआ है कि राम मंदिर ट्रस्ट का खाता अयोध्या के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में खुलेगा. इसके अलावा गोविंद गिरी, चंपत राय और अनिल मिश्र को बैंक के चेक पर दस्तखत करने का अधिकार दिया गया है. Also Read - राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक जमा हुए 2,100 करोड़ रुपये, जारी है धन जुटाने का अभियान

राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक के बाद तय हुआ कि चंपत राय को महासचिव और गोविंद देव गिरि को ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष नामित किया गया है. यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी और अयोध्या के डीएम अनुज झा को भी ट्रस्ट में शामिल किया गया है. Also Read - Mulayam Singh Yadav की बहू Aparna Yadav ने राम मंदिर के लिए 11 लाख रुपए दान में दिए, फैमिली को लेकर दिया बड़ा बयान

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे नृपेन्द्र मिश्रा को भवन निर्माण समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. बैठक के बाद चंपत राय ने बताया कि अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में ट्रस्ट का बैंक खाता खोलने का निर्णय किया गया है. इससे पहले खबरों में बताया गया था कि न्यास की पहली बैठक दिल्ली में होगी जिसमें मंदिर निर्माण के मुहूर्त सहित कई विषयों पर विचार किया जा सकता है.

न्याय का प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण को बनाया गया था. इसके अन्य सदस्य हैं जगदगुरु शंकराचार्य, ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज (इलाहाबाद), जगदगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज (उडुपी के पेजावर मठ से), युगपुरुष परमानंद जी महाराज (हरिद्वार), स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज (पुणे) और विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (अयोध्या) शामिल हैं.

बता दें कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की पहली बैठक आज बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में संपन्न हुई जिसमें मंदिर निर्माण के मुहूर्त सहित कई विषयों पर विचार किया गया. यह बैठक ट्रस्ट के प्रमुख के. परासरण के दिल्ली आवास पर हुई. गौरतल है कि इस ट्रस्ट का गठन केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है.

ट्रस्ट की बैठक में शिलान्यास के मुहूर्त से लेकर निर्माण पूर्ण होने के लिए समयसीमा निर्धारित करने के मुद्दों पर भी चर्चा की गई. गौरतलब है कि शीर्ष अदालत द्वारा राम मंदिर के पक्ष में फैसला देने व मंदिर निर्माण के लिए न्यास के गठन के आदेश पर पांच फरवरी को केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का ऐलान किया था.