आगरा. उत्तरप्रदेश के आगरा में छात्रा संजलि को जिंदा जलाने के मामले को सुलझा लेने का दावा करते हुए पुलिस ने कहा है कि उसके चचेरे भाई ने ही कथित तौर पर उसे आग लगायी थी. एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि जांच में पाया गया कि मामले का मुख्य आरोपी लड़की का चचेरा भाई योगेश था. योगेश के अलावा उसके कुछ रिश्तेदारों की भी इस हत्याकांड में संलिप्तता थी. पुलिस के मुताबिक, छात्रा संजलि को जिस जगह पर जलाया गया वहां पुलिस को पहला सबूत लाइटर मिला. इस लाइटर के जरिए जांच आगे बढ़ी. इस लाइटर पर आरोपियों के फिंगर प्रिंट मिले. उन्होंने बताया कि जांच के दौरान योगेश के रिश्तेदार विजय और आकाश का नाम भी आरोपी के तौर पर सामने आया. योगेश पहले ही खुदकुशी कर चुका है. विजय, योगेश के मामा का बेटा है जबकि आकाश, विजय का रिश्तेदार बताया जाता है.

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छात्रा की मौत के बाद पुलिस की टीम योगेश के घर की तलाशी लेने पहुंची तो उन्हें एक पत्र मिला. इसके बाद साफ हो गया कि योगेश की इस मामले में भूमिका संदिग्ध है. घटना के बाद लड़की को 60 फीसदी जली हुई हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था जहां उसकी मौत हो गई थी. जिस जगह पर छात्रा को जलाया गया उससे ठीक 100 मीटर की ही दूरी पर 23 नवंबर को उसके पिता हरेंद्र पर भी हमला हुआ था. आगरा के थाना मलपुरा अंतर्गत लालऊ गांव की कक्षा दसवीं की छात्रा 18 दिसंबर को स्कूल से वापस लौट रही थी . वह अकोला के एक इंटर कॉलेज में दसवीं कक्षा की छात्रा थी. रोजाना की तरह वह अपनी साइकिल से घर वापस लौट रही थी .जैसे ही वह अपने घर के करीब पहुंची, तभी वहां पहले से मौजूद दो युवकों ने लड़की पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे आग के हवाले कर दिया.

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छात्रा की हत्या और योगेश की मौत को लेकर पुलिस ने कड़ियां जोड़ना शुरू की, तो शुरुआती जांच में मामला एकतरफ़ा प्यार का निकल कर सामने आया है. पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है. संजलि को जिंदा जलाए जाने के मामले को लेकर विपक्षी दलों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर भी आरोप लगाए थे.