लखनऊ: राजधानी लखनऊ में बाराबंकी के हेतमापुर गांव निवासी एक महिला ने अपने नेत्रहीन पति के साथ लोकभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास किया लेकिन समय रहते वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया और इस प्रकार एक गंभीर हादसा टल गया. अपने नेत्रहीन पति के साथ लोकभवन पहुंची महिला का आरोप है कि गांव का ही एक दबंग व्यक्ति राजा राम पासी आए दिन उन्हें प्रताड़ित करता रहता है व उनके साथ मारपीट करता है. उसका कहना है कि स्थानीय पुलिस भी उनकी शिकायत नहीं सुन रही उलटे गांव के दबंग का साथ दे रही है. दंपति का कहना है कि दबंग राजा राम पासी और स्थानीय पुलिस के पक्षपातपूर्ण रवैये से परेशान होकर उन्होंने लखनऊ में आकर जान देने का फैसला किया. Also Read - Maharashtra Covid-19 Update: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 12,248 नए मामले, 390 लोगों की मौत

लखनऊ में आत्मदाह कर जान देने आए
वाकया कुछ इस प्रकार घटित हुआ गुरुवार की दोपहर बाराबंकी निवासी एक महिला अपने नेत्रहीन पति के साथ लोकभवन के सामने पहुंची. जब तक किसी को माजरा समझ आता दोनों ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया और आग लगाने का प्रयास किया लेकिन इससे पहले कि वो खुद को आग लगा पाते वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी से दोनों को पकड़ लिया. पूछताछ में बाराबंकी निवासी दंपति ने कहा कि वो बाराबंकी के हेतमापुर गांव के रहने वाले हैं और यहां जान देने आए हैं. Also Read - भारतीय रंग में नज़र आईं न्यूजीलैंड की पीएम जैसिंडा अर्डर्न, इस अंदाज़ में पहुंची राधा कृष्ण मंदिर

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके गांव में रहने वाले दबंग राजा राम पासी की हरकतों से वो आजिज आ चुके हैं. उनका कहना है लंबे समय से वह उन्हें बुरी तरह से प्रताड़ित कर रहा है. और उनके साथ मारपीट भी करता है. प्रताड़ना की शिकायत लेकर जब वह थाने गए तो वहां उन्हें ज्ञात हुआ कि पुलिस ने उलटे उनके खिलाफ ही मारपीट का मामला दर्ज किया. आरती नाम की इस महिला ने बताया कि पुलिस वालों ने उनकी एक नहीं सुनी और ना ही उनकी शिकायत दर्ज की उलटा समझौता करने का दबाव बनाने लगे. उसने कहा कि वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई है. उसे नहीं समझ आ रहा कि वो अपनी फ़रियाद लेकर किसके पास जाए इसलिए उन्होंने राजधानी लखनऊ आकर आत्मदाह करने की सोची. फिलहाल मामले की तफ्तीश जारी है. Also Read - राज्य सरकार ने वापस लिया फैसला, अब कल से महाकाल मंदिर के दर्शन कर सकेंगे मध्य प्रदेश से बाहर के श्रद्धालु