लखनऊ: विश्व हिन्दू परिषद ने साधु संतों और राम मंदिर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के विवादास्पद बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है. विहिप ने गुरूवार को राजभर को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की. वहीँ यूपी सरकार में भाजपा के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि उनकी पार्टी भाजपा से गठबंधन नाता जोड़े रखने को लेकर सही समय पर निर्णय लेगी. Also Read - महाराष्ट्र में एक और साधु की हत्या, भड़की VHP ने कहा- शिवसेना को 'सोनिया सेना' न बनाओ प्लीज़

Also Read - Coronavirus In Pakistan: हिन्दुओं के साथ भेदभाव का आरोप, खाने को हैं मोहताज

अपनी ही सरकार पर लगातार हमलावर रहे राजभर पर अब भाजपा का भी पलटवार शुरू हो गया है. साधु-संतों पर हुई टिप्पणियों के मद्देनजर बुरी तरह से नाराज विश्व हिंदू परिषद् राजभर का तुरंत निष्कासन चाहती है. राजभर ने कहा था कि ‘संत राम मंदिर मुद्दा इसलिए उठाते हैं क्योंकि यह उनकी रोजी रोटी का जरिया है विहिप राजभर के इसी बयान से नाराज है. Also Read - यूपी: सुभासपा के साथ मिलकर 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी भीम आर्मी

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने कहा-हो सकता है जनता को भाजपा से अच्‍छा विकल्‍प्‍ा मिल जाए

ओछी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं

विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने इस बाबत बात करते हुए कहा, ‘संतों और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर की गई ओछी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राजभर योगी सरकार में रहते हुए पीठ में खंजर भोंक रहे हैं. यह कार्य एक विभाजक तत्व ही कर सकता है.’ शर्मा ने राजभर के इलाहाबाद में दिए एक विवादित बयान का हवाला दिया जिसमें राजभर ने कहा था कि ‘संत राम मंदिर मुद्दा इसलिए उठाते हैं क्योंकि यह उनकी रोजी रोटी का जरिया है.’

कैबिनेट मंत्री राजभर की दो टूक, बोले- CM योगी मेरे खिलाफ टिप्पणी करते हैं, मुझे हटा क्यों नहीं देते

उन्होंने कहा कि साधु-संतों पर अमर्यादित बयान एक अशिष्ट व्यक्ति ही दे सकता है. विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि राजभर अपनी मर्यादा खो चुके हैं. एक संत द्वारा चलाई जा रही सरकार में रहते हुए भी साधु संतों का अपमान उनकी घटिया सोच और निर्लज्जता को दिखाता है. शर्मा ने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि पर विराजमान रामलला के मंदिर को राजनीतिक चश्मे से देखना ही करोड़ों हिन्दुओं की धार्मिक परम्पराओं पर हमला है. जिस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आंदोलन को संतों ने निस्वार्थ चलाया, उसको रोजी-रोटी से जोड़ने का बयान देने वाले मंत्री राजभर की सरकार से बिदाई नहीं की गई तो यह संतों धर्माचार्यो सहित हिन्दू संगठनों में आक्रोश ही बढाएगा. उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण तो होकर रहेगा, लेकिन मार्ग में अवरोधक बनने वाले राजभर जैसों को भी राम भक्त हनुमान हटाते जाएंगे. (इनपुट एजेंसी)