मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कोविड​​-19 से संक्रमित पाए गए तीन मरीजों का पता नहीं लगाया जा सका है, क्योंकि उन्होंने नमूना संग्रह के दौरान अपने बारे में फर्जी जानकारी और गलत फोन नंबर दिए थे. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. Also Read - पीएम मोदी का दुनिया को भरोसा- भारत की टीका उत्पादन क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालेगी

उन्होंने कहा कि उनमें से दो ने यहां एक अस्पताल के कर्मचारी होने का दावा किया था जबकि तीसरे व्यक्ति ने गलत पता दिया था. अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की टीम शुक्रवार को साकेत कॉलोनी गयी थी और दो अन्य संक्रमितों को इलाज के लिए लाने के मकसद से शनिवार को उनके बताये गये अस्पताल में गयी थीं. Also Read - बिना अनुमति जुलूस निकाला था, तेजस्वी, तेजप्रताप और पप्पू यादव के खिलाफ केस दर्ज

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रवीण चोपड़ा ने कहा कि उन्होंने फर्जी जानकारी प्रदान की थी. अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी होने का दावा करने वालो दोनों व्यक्तियों में शनिवार को कोरोनो वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी वहीं एक अन्य व्यक्ति शुक्रवार को संक्रमित पाया गया था. Also Read - हज 2021 को लेकर आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, सऊदी अरब की गाइडलाइंस का इंतजार

अधिकारियों ने कहा कि जिले के अधिकारियों ने तीनों लोगों का पता लगाने के लिए तलाश शुरू की है. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के बाद, अधिकारियों ने नमूना संग्रह के दौरान पते के लिए आधार कार्ड की जांच करने का निर्णय लिया है.

बता दें कि देश में इन दिनों काफी तेज गति से कोरोना का प्रसार हो रहा है. देश में तीस लाख से ज्यादा लोगो कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं.