लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में 40 फुट गहरे मुख्य पंपिंग स्टेशन संयंत्र (एमपीएस) में सफाई के लिए नीचे उतरे तीन सफाईकर्मियों की दम घुटने से मौत हो गई. मामले में गाजियाबाद की डीएम रितु माहेश्वरी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और प्रत्येक मृतक के रिश्तेदार को 30 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है.

 

लोनी के पुलिस उपाधीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि लोनी की डॉबर कॉलोनी में एमपीएस में यह हादसा हुआ. एमपीएस के अंदर जहरीली गैस से तीनों बेहोश हो गये और बाद में उनकी मौत हो गयी. उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान बुलबुल, महेश और रोशन के रूप में हुई है. उनके शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गये हैं. एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने के बाद तीनों शव निकाले गए. पुलिस ने कहा कि इन सफाईकर्मियों को कथित रूप से उपयुक्त उपकरण प्रदान करने पर कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

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ऐसे हुआ हादसा
पुलिस ने कहा कि एसटीपी पंप ऑपरेटर बागपत निवासी महेश कसाना डाबर तालाब कॉलोनी में 40 फुट गहरे टैंक में सफाई करने के लिए उतरे, लेकिन वह बाहर नहीं निकल पाए. इसके बाद एक अन्य आपरेटर सहारनपुर के रोशन लाल भी टैंक में उतरे, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकले. एक अज्ञात व्यक्ति का भी यही हाल हुआ. इसके बाद लोनी पुलिस ने नोएडा से राष्ट्रीय आपदा राहत बल के लोगों को बुलाया, जिसके बाद तीनों शव बाहर निकाले जा सके. गाजियाबाद की डीएम रितु माहेश्वरी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और प्रत्येक मृतक के रिश्तेदार को 30 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है.