लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में ओसी बिल यानी प्रभारी अधिकारी बिल कलेक्ट्रेट के फर्जी पत्र पर एसबीआई की पडरौना शाखा ने 33 लाख 42 हजार 259 रुपये के तीन चेक जारी कर दिए. इस मामले में आठ लोगों पर पडरौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में ले लिया है. लोगों के बीच चर्चा है कि अगर जांच हो तो कुशीनगर जनपद में ऐसे कई और मामले भी उजागर हो सकते हैं. Also Read - Petrol Diesel Prices: बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम तो वकील ने जताई अनोखी इच्छा, प्रशासन हैरान

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कुशीनगर जिले में ओसी बिल प्रभारी कलेक्ट्रेट के फर्जी पत्र पर एसबीआई पडरौना ने 33 लाख 42 हजार 259 रुपये का तीन चेक जारी कर दिया था. इनमें एक चेक दो लाख रुपये का भुगतान होकर केसीसी के खाते में जमा करा दिया गया. दूसरा 12 लाख 20 हजार 456 रुपए का बैंकर्स चेक भुगतान के लिए बंधन बैंक में गया. जब बैंक कर्मियों ने आईडी मांगी तो भुगतान लेने वाला सकपकाने लगा. इस पर बैंककर्मी को शक हुआ तो कोषागार व एसबीआई पडरौना में तस्दीक की गई. इसके बाद पूरी स्थिति से एडीएम वित्त को बताया गया. Also Read - SBI Home Loan: घर खरीदने की कर रहे हैं प्लानिंग, तो न चूकें यह मौका, कम ब्याज दर पर एसबीआई में मिल है होम लोन

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फर्जी पत्र स्टेट बैंक पडरौना में पहुंचाया

ओसी बिल का फर्जी पत्र स्टेट बैंक पडरौना में पहुंचाया गया. एसबीआई से 30 जनवरी 2018 को एसबीआई मेन शाखा से ओसी बिल के नाम से 33 लाख 42 हजार 259 रुपये का तीन चेक जारी हुआ था. इसी चेक को दुबारा 20 अगस्त को ओसी बिल प्रभारी का फर्जी पत्र लगा कर तीन चेक जारी कराया गया है. उस पत्र में हवाला दिया गया कि रमापति मिश्र के नाम 12 लाख 20 हजार 456 रुपये, प्रद्युम्न विश्वकर्मा के नाम दो लाख व 19 लाख 21 हजार 803 रुपये ओसी बिल अधिकारी के नाम पर भुगतान करने को कहा गया. उस तीनों चेक को एसबीआई बैंक पडरौना से कर्मचारी बन कर प्राप्त किया गया. छानबीन में पता चला कि 18 अप्रैल को रमापति मिश्र के नाम से बंधन बैंक में खाता खोला गया था.

एडीएम ने एसबीआई की पडरौना शाखा में छानबीन शुरू की

रमापति मिश्रा के बेटे सुबोध मिश्र ग्राम बेलवा मिश्र ने अपने पिता के नाम 12 लाख 20 हजार 456 रुपये के चेक का भुगतान पाने के लिए पडरौना-छावनी स्थित बंधन बैंक में जमा करके उस पर दबाव बनाया. दो लाख का चेक एक व्यक्ति ने क्लीयरेंस कराकर अपने किसान क्रेडिट खाता में जमा कराया. जब बैंक कर्मियों ने सत्यापन कराया तो परत दर परत मामला खुलता चला गया. इसकी सूचना एडीएम को मिली तो एडीएम ने एसबीआई की पडरौना शाखा में छानबीन शुरू की.

आठ के खिलाफ मामला दर्ज

जांच के दौरान पता चला कि एक तथाकथित रिटायर्ड कानूनगो और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और 19 लाख ओसी बिल दूसरे खाते में डाले जाने के संबंध में फर्जी पत्र निर्गत हुआ है. एडीएम के निर्देश के बाद पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में पूछताछ की तो मामला उजागर हुआ. वादी ओसी बिल प्रभारी विपिन कुमार ने आठ व्यक्तियों तत्कालीन आपदा लिपिक रुपेश कुमार, रामेश्वर सिंह लिपिक उद्यान, रमापति मिश्र, प्रद्युमन विश्कर्मा, शाखा प्रबंधक सर्वेश पाठक बंधन बैंक पडरौना, कृष्णमुरारी चौबे, सुबोध मिश्र तथा हिदातुल्लाह लिपिक एसबीआई पडरौना के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 409 के तहत पडरौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया. हिरासत में लिए गए पांच व्यक्तियों से पुलिस पूछताछ कर रही है. (इनपुट एजेंसी)