लखनऊ: लखनऊ की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2007 में राजधानी स्थित कचहरी परिसर में हुए बम विस्फोट के मामले में दो आरोपियों को गुरुवार को दोषी करार दिया. विशेष न्यायाधीश बबिता रानी ने लखनऊ जिला जेल में मामले की सुनवाई के बाद दोषी करार दिए गए दो अभियुक्तों तारिक कासमी और तारिक हुसैन को सजा सुनाने के लिए 27 अगस्त की तारीख मुकर्रर की. Also Read - निर्भया के दोषियों के लिए रात 2:30 बजे खुली सर्वोच्च अदालत, अंतिम वक्त पर नहीं टली फांसी

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मामले के तीसरे अभियुक्त खालिद मुजाहिद की प्रकरण की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी जबकि चौथे आरोपी सज्जाद उर रहमान को पूर्व में बरी कर दिया गया था. शासकीय अधिवक्ता एमके सिंह ने बताया कि अभियुक्तों के खिलाफ देशद्रोह आपराधिक षड्यंत्र और हत्या के आरोप में चार्जशीट दाखिल की गई थी. अभियुक्तों को विस्फोटक अधिनियम तथा गैरकानूनी गतिविधि नियंत्रण कानून के तहत निरुद्ध किया गया था. अदालत ने इन सभी आरोपों में दोनों अभियुक्तों को दोषी माना है. Also Read - Nirbhaya Case: निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च को सुबह 5:30 बजे दी जाएगी फांसी

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हरकत उल जिहाद अल इस्लामी सूजी नामक आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का दावा

मालूम हो कि 23 नवंबर 2007 को लखनऊ फैजाबाद तथा वाराणसी के कचहरी परिसरों में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे जिनमें कम से कम 9 लोग मारे गए थे. इस मामले में आजमगढ़ के सरायमीर क्षेत्र के रहने वाले तारिक कासमी और जौनपुर के मड़ियाहूं क्षेत्र के निवासी खालिद मुजाहिद को बाराबंकी में गिरफ्तार किया गया था. सज्जाद और तारिक हुसैन को उसी साल 27 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था. एसटीएफ ने इन चारों के हरकत उल जिहाद अल इस्लामी सूजी नामक आतंकवादी संगठन से जुड़े होने का दावा किया था. (इनपुट एजेंसी)