लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश कानपुर में अपराधियों के साथ मुठभेड़ में एक पुलिस उपाधीक्षक समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है और आठ पुलिस कर्मी घायल हो गए हैं, जबकि दो अपराधी भी इस दौरान मारे गए. पुलिस और अपराधियों के बीच शुक्रवार सुबह मुठभेड़ में दो अपराधी मारे गए हैं. अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है. Also Read - विकास दुबे के गांव में दबिश देने से पहले का पुलिस का ऑडियो अब हुआ वायरल, पूर्व SSP की बढ़ेगी मुसीबत

अपराधी मारे गए पुलिस कर्मियों के चार हथियार भी छीन ले गए थे, जिसमें से एक पिस्तौल मुठभेड़ में मारे गए एक अपराधी के पास से शुक्रवार सुबह बरामद हुई.” करीब डेढ़ घंटे तक चली मुठभेड़ पहले की घटनास्थल से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है. Also Read - यूपी में ऑनर किलिंग: लड़की ने प्रेमी को मिलने घर बुलाया था, परिवारवालों ने आग लगा दी, दोनों की मौत

पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की एक टीम अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए गुरुवार को देर रात चौबेपुर थाने के दिकरू गांव गई. दुबे के खिलाफ 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस का एक दल जैसे ही अपराधी के ठिकाने पर पहुंचा, तभी एक इमारत की छत से पुलिस दल पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा, तीन उप निरीक्षकों और चार कांस्टेबलों की मौत हो गई.

कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार सुबह घटनास्थल से फोन पर बताया, पुलिस और अपराधियों के बीच शुक्रवार सुबह मुठभेड़ में दो अपराधी मारे गए हैं. अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है. अपराधी मारे गए पुलिस कर्मियों के चार हथियार भी छीन ले गए थे, जिसमें से एक पिस्तौल मुठभेड़ में मारे गए एक अपराधी के पास से शुक्रवार सुबह बरामद हुई.” अग्रवाल ने बताया कि रात में हुई मुठभेड़ के बाद शुक्रवार सुबह एक बाद फिर मुठभेड़ हुई. उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह हुई मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. छह पुलिस कर्मी रात में घायल हुए थे. अब तक आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. अग्रवाल ने कहा कि फरार अपराधियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्य अपराधी विकास दुबे मारा गया, अग्रवाल ने कहा कि यह शवों की पहचान के बाद ही पता चल पाएगा. अभी तलाश कार्य जारी है.

इससे पहले पुलिस महानिदेशक एच सी अवस्थी ने बताया कि विकास दुबे कानपुर का शातिर अपराधी और हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ 60 मुकदमे दर्ज है. कानपुर के राहुल तिवारी नाम के व्यक्ति ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. उन्होंने बताया कि विकास को पकड़ने के लिए पुलिस दल के गांव पहुंचते ही बदमाशों ने छतों से गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई.

मुठभेड़ में क्षेत्राधिकारी पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र मिश्रा, उप निरीक्षक महेश चन्द्र यादव, उप निरीक्षक अनूप कुमार सिंह, उप निरीक्षक नेबू लाल, कांस्टेबल जितेंद्र पाल, कांस्टेबल सुल्तान सिंह, कांस्टेबल बबलू कुमार और कांस्टेबल राहुल कुमार की मौत हो गई.

अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक मौके पर हैं. कानपुर की फोरेंसिक टीम जांच कर रही है और एक टीम लखनऊ से आ रही है. विशेष सुरक्षा बल को भी घटनास्थल भेजा गया है.

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में कर्तव्यपालन के दौरान जान गंवाने वाले आठ पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजन के प्रति संवेदना जाहिर की है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को इस दुर्दांत घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने तथा तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.