गोरखपुरः देश में लागू लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र में फंसे 2,127 श्रमिकों को लेकर दो विशेष रेलगाड़ियां सोमवार को गोरखपुर पहुंचीं. उपजिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि महाराष्ट्र के भिवंडी से चली पहली रेलगाड़ी 1,145 श्रमिकों को लेकर रविवार देर रात एक बजकर 20 मिनट पर गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंची. वहीं, दूसरी ट्रेन 982 यात्रियों को लेकर सुबह साढ़े पांच बजे गोरखपुर जंक्शन पर आई. Also Read - 5,000 के पार पहुंची कोविड-19 से मरने वालों की संख्या, कल से शुरू होगा लॉकडाउन से निकलने का पहला चरण; 13 बड़ी बातें

उन्होंने बताया कि इन यात्रियों में से ज्यादातर गोरखपुर की खजनी, बांसगांव और गोला तहसील के रहने वाले हैं. सोगरवाल ने बताया कि जिला प्रशासन तथा रेलवे के अधिकारी इस दौरान मुस्तैद थे और रेलगाड़ियों से आए श्रमिकों एवं कामगारों की थर्मल स्क्रीनिंग तथा दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें बसों के माध्यम से जिले की विभिन्न तहसीलों में उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया. इस दौरान रेलवे स्टेशन और बसों के अंदर भी सामाजिक दूरी का पूरा ख्याल रखा गया. Also Read - दिल्ली में कोरोना का नया रिकॉर्ड, 1 दिन में 1163 नए मामले सामने आए

भिवंडी के हथकरघा कारखाने में काम करने वाले मजदूर राम शबद ने अपने घर लौटने पर कहा, “मुझे खुशी है कि मैं आखिरकार अपने घर पहुंच गया. रास्ते में हमें खाना और पानी दिया गया. ट्रेन में सवार होने से पहले हमारा आधार कार्ड और पता आदि से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई. हालांकि मैं पृथक केंद्र से आया था लेकिन फिर भी मेरी चिकित्सीय जांच की गई. गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर भी मेरे शरीर का तापमान लिया गया और दस्तावेजों की फिर से जांच की गई. Also Read - Lockdown 5: अब एक राज्य से दूसरे राज्य जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं

खजनी इलाके के मूल निवासी आमिर की भी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था. उसने कहा कि यह अब भी एक सपना जैसा लग रहा है कि वह गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंच गया है.

राष्ट्रीय आपदा राहत बल के इंस्पेक्टर गोपी गुप्ता ने बताया कि वह रविवार रात से ही ड्यूटी पर तैनात थे. साथ ही बताया कि ट्रेन की एक बोगी में 54 लोगों को ही सफर करने की इजाजत थी. ट्रेन में टिकट निरीक्षक और आरपीएफ स्टाफ की तैनाती भी की गई थी.