देहरादून: उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले में उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले एक बेरोजगार व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बेटियों की जहर देकर हत्या करने के बाद अपनी भी जान ले ली. कुंडा क्षेत्र में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना में 33 वर्षीय अंशुमान सिंह के दो अन्य बच्चे बच गए. वह कर्ज में डूबा हुआ था. Also Read - उत्तर प्रदेश: बेसिक शिक्षा विभाग में 69 हजार शिक्षकों की चयन प्रक्रिया पूरी, जल्द मिलेंगे नियुक्ति पत्र

घर में कुछ खाने को नहीं था
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंशुमान सिंह उत्तर प्रदेश के कानपुर का रहने वाला था. उसके घर में कल कुछ खाने को नहीं था जिसके बाद वह बाहर से कुछ धन की व्यवस्था करने की बात कहकर निकला. दोपहर को वापस आने के बाद उसने अपनी पत्नी सरिता (30), बडी बेटी दिव्यांशी (15), मंझली बेटी हिमांशी (14), छोटी बेटी आर्या (10) और इकलौते पुत्र रूद्रप्रताप (13) को जबरन जहर खिलाने के बाद स्वयं भी उसका सेवन कर लिया. Also Read - बुंदेलखंड के बांदा में कर्ज के चलते की किसान ने सुसाइड, पत्‍नी ने कहा- बैंक लोन की वसूली का था दबाव

दो बच्चों ने थूक दिया जहर
हालांकि, आर्या और रूद्रप्रताप ने जहर थूक दिया और बाहर भाग निकले. बाहर जाकर उन्होंने इसकी जानकारी अपने मकान मालिक को दे दी. मकान मालिक के मौके पर पहुंचने तक अंशुमान सिंह और दिव्यांशी की मौत हो चुकी थी. सरिता तथा हिमांशी की हालत खराब थी. सरिता और हिमांशी को मकान मालिक ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान आज सुबह उनकी भी मौत हो गई. Also Read - Love Jihad: उप्र और उत्तराखंड के 'लव जिहाद' अध्यादेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका, दी गई ये दलील

कर्ज से था परेशान
औद्योगिक शहर काशीपुर से सटे कुंडा के थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि बेरोजगारी के कारण कर्जदारों के तगादों से परेशान हो गया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिंह बेरोजगार था और काशीपुर स्थित सूर्या रोशनी में काम करने वाली सरिता की नौकरी भी उसने कुछ दिनों पहले छुड़वा दी थी जिससे घर के हालात बहुत खराब हो गए थे जबकि कर्जदार भी रोज तगादा कर रहे थे. अंशुमान सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर का निवासी था और वहां भी उसने कई लोगों से कर्ज ले रखा था. दो साल पहले वह बेहतर जिंदगी की आस लेकर काशीपुर आकर बस गया था.