ग्रेटर नोएडा: गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा पर शहीद होने वाले सुरक्षा कर्मियों के आश्रितों को कम से कम एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता देने के बारे में सरकार विचार कर रही है. इसके अलावा देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों के परिजनों की हर समस्याएं दूर की जाएंगी.

भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर सूरजपुर में गृह मंत्री सिंह ने परेड की सलामी ली. आईटीबीपी में शामिल महिला दस्ते की परेड आकर्षण का केंद्र रही. इस अवसर पर सिंह ने उत्कृष्ट सेवा के लिए आईटीबीपी के जवानों एवं अधिकारियों को सम्मानित किया. गृह मंत्री ने यहां 200 पलंग वाले रेफरल अस्पताल का शुभारंभ भी किया. इस अवसर पर जवानों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सीमा पर तैनात जवानों के परिजनों को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मिले, इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि सीमा पर सुरक्षा बलों के जो कर्मी शहीद होते हैं उनके परिजनों को कम से कम एक करोड़ रूपये मिलने चाहिए. सरकार इस बारे में विचार कर रही है.

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जवानों के साहस व दृढ़ता की तारीफ की
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आइटीबीपी के जवान माइनस 30 डिग्री में दुश्मनों का मुकाबला कर रहे हैं. आइटीबीपी क्षेत्र की कुछ चौकी ऐसी हैं, जहां अभी तक सड़क मार्ग नहीं हैं. ऐसे क्षेत्रों में निगरानी को बढ़ाने के लिए आइटीबीपी को दो हेलीकॉप्टर दिए जा रहे हैं. उन्होंने जवानों के साहस व दृढ़ता की तारीफ करते हुए कहा कि काफी समय से जवानों का प्रमोशन रुका हुआ है. मंत्रालय ने इस पर भी अमल शुरू कर दिया है.