लखनऊ: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने देश की प्रशासनिक व्‍यवस्‍था में पिछड़ों, दलितों और अन्‍य पिछड़ी जातियों को भागीदारी 50 फीसदी करने की वकालत की है. यूपी के सिद्धार्थनगर जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्‍होंने कहा कि ‘बाबा साहेब ने हमें समाज में समानता का रास्ता दिखाया है और समाज में समानता के लिए उनकी मांग है कि विभिन्न पुलिस थानों में थानाध्यक्ष या तो अनुसूचित जाति-जनजाति के हो या फिर पिछड़े वर्ग से जरूर रखे जाएं.

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हर जिले में डीएम-एसएसपी में से एक एससी-एसटी या ओबीसी वर्ग से होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक सोनेलाल पटेल का सपना था कि दलित और पिछड़े वर्ग को मजबूत बनाया जाए. उन्‍होंने कहा कि उनकी पार्टी केवल दलितों की बात ही नहीं कर रहा है, बल्कि उनके अधिकारों के लिए लड़ती भी है. इसके चलते ही उनकी पार्टी का समर्थन एनडीए को दिया गया है, जो कि आगे भी रहेगा.

पिछड़ों-दलितों को समझाया वोट का महत्‍व
उन्होंने पिछड़ों और दलितों को वोट का महत्व समझाते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती से ही देश मजबूत होगा. इसके लिए अपना दल को एक से अधिक विधायक सभी जिले में देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस बार उत्तर प्रदेश की जनता खासकर पिछड़ों और दलितों ने उन लोगों को नकार दिया है जो उनके नाम पर राजनीति करके उन्हें ठगते आ रहे थे. समाज का पिछड़ा तबका अब इनके बहकावे में नहीं आने वाला है. लोग विकास चाहते हैं. पिछड़ों और दलितों के नाम पर राजनीति करने वालों ने समाज के इन वर्गों की सुध नहीं ली, बल्कि अपना और अपने परिवार का विकास किया.