लखनऊ: केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार एथिनोल की खरीद को आसान बनाना चाहती है और इसके लिए जरूरी है कि केंद्र और राज्य इस बारे में मिलकर एक नीति बनाए. क्‍योंकि आने वाले दिनों में एथिनोल इस्तेमाल को लेकर काफी संभावनाएं हैं और किसानों को इससे काफी फायदा होगा.

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लखनऊ में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कौशल विकास को लेकर हुई समीक्षा बैठक में केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार किसानों से सीधे एथिनोल खरीदना चाहती है. उन्होंने कहा कि इसके लिए समन्वय के आधार पर बातचीत के जरिये रास्ता निकालना होगा. दस प्रतिशत तक एथिनोल ब्लेंडिंग का प्रावधान है. आने वाले दिनों में एथिनोल इस्तेमाल को लेकर काफी संभावनाएं हैं और किसानों को इससे काफी फायदा होगा.

एथिनोल को कच्‍चे तेल का दर्जा देने की वकालत
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि इसे कच्चे तेल का दर्जा दिया जा सके. राज्य द्वारा उठाये गए मथुरा रिफाइनरी मुद्दे पर प्रधान ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए अगली तारीख का इंतजार करना बेहतर होगा. राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि इंडियन ऑयल द्वारा गोरखपुर में प्रस्तावित टू जी एथिनोल परियोजना के लिए पचास एकड़ जमीन तलाश ली गयी है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस पर जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाए. इसी तरह प्रदेश सरकार ने जैव खाद्य नीति बनाये जाने की सूचना दी और सीतापुर में बायोमास एनर्जी का मुद्दा उठाया. इंडियन ऑयल ने मिर्जापुर में एक नये टर्मिनल के लिए जमीन मांगी थी.

एलपीजी की सप्‍लाई अप्रैल 2016 के 55.4 तो अप्रैल 2018 में 80.3 फीसद हुई
समीक्षा बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक सप्ताह में कार्य पूरा कर लिया जाये. मुख्यमंत्री ने इसी तरह देवरिया में इंडियन ऑयल के विस्तार के कार्य को एक महीने में पूरा करने के निर्देश दिये. गैस आपूर्ति की चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि सरकार इस बारे में देश भर में एक जैसी कीमत की नीति लाना चाहती है. उन्होंने बताया कि इस नीति के लागू हो जाने के बाद परिवहन जैसे क्षेत्रों को छोड़ कर सभी को एक ही जैसी कीमत पर गैस मिलेगी. बता दें कि उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस की सप्‍लाई पहली अप्रैल 2016 के 55.4 फीसद के मुकाबले पहली अप्रैल 2018 को बढ़कर 80.3 फीसद हो गयी. इसी तरह प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 78 लाख बीपीएल परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन मिला.