लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक सरकारी कर्मचारी ने कार्यालय देर से पहुंचने पर ऐसा कारण बताया है कि जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है. जिले के डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर कार्यालय में आशुलिपिक पद पर कार्यरत अशोक कुमार नाम का कर्मचारी समय पर पहुंच नहीं सका. इसको लेकर डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर एमएस वर्मा ने स्पष्टीकरण मांग लिया. साथ ही उन्‍होंने उसी दिन शाम तक जवाब देने की समय सीमा भी तय कर दी. ऐसे में कर्मचारी में जो जवाब दिया और जो कारण बताए वो हर ओर सुर्खियां बने हुए हैं.

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कर्मचारी ने जवाब में लिखा कि साहब वर्तमान समय में पत्नी की तबियत खराब रहती है, ऐसे में उसे ही खाना बनाना पड़ता है. पत्‍नी का बदन दर्द करता है इसलिए हाथ-पैर उसे ही दबाने पड़ते हैं. कर्मचारी ने आगे और बताया कि क्योंकि रोटी थोड़ा संभल नहीं पा रही है बचाओ तो जल जाती है. इस पर पत्नी गुस्सा होती है. आजकल मैं दलिया बनाकर खा रहा हूं. इसके अलावा उसने रास्‍ते ही समस्‍या बताते हुए लिखा कि खम्‍बखत रोड बहुत खराब है, अगर घर से पौने दस बजे निकलो तो जाम के कारण ऑफिस आने में समय लग जाता है.

अधिकारी के स्‍पष्‍टीकरण मांगने पर दिया जवाब
अत: श्रीमान से निवेदन है कि कल से मैं थोड़ा और सुबह पत्‍नी की सेवा कर लूंगा और जल्‍दी निकलूंगा. बाकी साहब आप खुद समझदार हैं. साहब अत: उक्‍त बातों को ध्‍यान में रखते हुए मेरा स्‍पष्‍टीकरण स्‍वीकार कर लीजिए महान दया होगी. बता दें कि 18 अगस्‍त का यह पूरा मामला है. कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए जारी किए गए स्पष्टीकरण के पत्र में उसने यह जवाब दिया है आशु लिपिक अशोक कुमार से पूछा गया कि वे कार्यालय में निर्धारित समय 10.15 बजे तक उपस्थित क्यों नहीं हुए जबकि उनका अवकाश सम्बंधी कोई प्रार्थना पत्र भी नहीं उपलब्ध है. क्यों ना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और इसका जवाब वे 18 की शाम तक अवश्य दें.