उन्नाव : शुक्रवार को सीबीआई की रिमांड अवधि पूरी हो जाने के बाद आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर को उन्नाव जेल में शिफ्ट कर दिया गया. जिसका पीड़िता और उसके परिजन विरोध कर रहे हैं. पीड़िता ने आरोपी के उन्नाव जेल में रहने से अपने व परिवार की जान का खतरा बढ़ने की आशंका जाहिर की है.Also Read - CBI probe In ADJ Uttam Anand Murder Case: झारखंड सरकार ने जज की मौत की जांच CBI को सौंपने की अनुशंसा की

जेल अधीक्षक विधायक के रिश्तेदार : पीड़िता
पीड़िता का आरोप है कि जेल अधीक्षक आरोपी विधायक के रिश्तेदार हैं और वह विधायक की पूरी मदद करेंगे. इससे पहले उसके पिता की मौत इसी जेल प्रशासन की लापरवाही के कारण हो चुकी है. पीड़िता ने मुकदमा दिल्ली सीबीआई कोर्ट रेफर करने के साथ ही आरोपी विधायक को भी दिल्ली जेल भेजने की मांग की. पीड़िता ने साफ कहा कि जब तक आरोपी विधायक उन्नाव जेल में है वह और उसका परिवार गांव में नहीं रहेगा. Also Read - Arms License Scam: CBI ने दिल्‍ली से लेकर जम्‍मू-कश्‍मीर 40 से अधिक जगहों पर छापे मारे

विधायक के लोग हत्या कर सकते हैं : पीड़िता
पीड़िता ने कहा कि विधायक के गुंडे उसकी और उसके परिवार की हत्या कर सकते हैं. रिश्तेदार होने के आरोप पर जेल अधीक्षक एके सिंह के पक्ष की तरफ से अभी तक कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है. वहीँ किशोरी के चाचा का कहना है कि उन्नाव जेल विधायक के घर जैसा है. जेल से उनके शहर स्थित मकान की दूरी बमुश्किल चार सौ मीटर है. Also Read - Rajasthan News: रिश्वतखोरों पर सीबीआई ने कसा शिकंजा, NISG अधिकारी सहित दो गिरफ्तार

जेल में विधायक रोज लगाएंगे चौपाल
पीड़िता के चाचा ने आरोप लगाया कि जेल में ही विधायक रोज चौपाल लगाएंगे, साजिशें भी रचेंगे. उन्नाव जेल में रहकर विधायक मुकदमे से संबंधित साक्ष्यों को मिटाने और गवाहों को भय दिखाकर तोड़ने का प्रयास कर सकते हैं. चाचा का आरोप है कि जेल में खाद्यान्न की आपूर्ति करने वाला ठेकेदार विधायक का ससुराल पक्ष से नजदीकी रिश्तेदार है. इससे वह विधायक के लिए मोबाइल फोन से लेकर सहूलियत की हर चीज जेल के भीतर ही उपलब्ध करा सकता है.