लखनऊ: उन्‍नाव रेप केस की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार को माखी थाने के पूर्व थानेदार अशोक सिंह भदौरिया और बीट दरोगा कांता प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि उन्‍नाव रेप केस की जांच सीबीआई के हाथ जाने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था. आज दोनों आरोपियों को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा. Also Read - पिता-पुत्र के पुलिस उत्पीड़न और मौत मामले में नया खुलासा, अस्पताल में ही हो गई थी दोनों की मौत, अब CBI करेगी जांच

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बता दें कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक युवती ने बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप लगाया था कि विधायक ने 4 जून 2017 पीड़ित लड़की को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप किया था. पीड़ित लड़की का आरोप था कि साजिशन शशि सिंह नाम की महिला धोखे से नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के पास लेकर गई थी. जहां विधायक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया था. इसके बाद जब पीड़ित की ओर से पुलिस से गुहार की गई तो पुलिस ने मामले को दबाने का प्रयास किया. पीड़ित परिवार का आरोप था कि 4 जून 2017 को रेप प्रकरण को माखी थाने की पुलिस ने साजिशन दबा दिया था. Also Read - 787 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी केस: CBI ने रतुल पुरी समेत अन्‍य के 7 ठिकानों पर छापे मारे

उन्नाव रेप केस: सीतापुर जेल में शिफ्ट किए गए आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर

पीड़िता के पिता की पिटाई से हो गई थी मौत

3 अप्रैल को कचहरी से पेशी से लौटे पीड़िता के पिता की भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल ने साथियों संग मिलकर पिटाई की थी. 9 अप्रैल को तड़के पीड़िता के पिता की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी. इस प्रकरण में थानेदार अशोक और बीट दरोगा कांता की ओर से पीड़िता के पिता के खिलाफ फर्जी रिपोर्ट लिखा कर जेल भेज दिया गया था. मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पीड़िता के पिता पर रिपोर्ट दर्ज कराने वाले उसके चचेरे भाई टिंकू सिंह को गिरफ्तार किया तो हकीकत सामने आ गई. इस मामले में दोनों पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं.

हाईकोर्ट में  21 मई को सुनवाई

बता दें कि उन्‍नाव रेप केस में सीबीआई ने बीते दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल किया की थी. इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा था कि आरोपी विधायक को अब तक उन्‍नाव जेल में क्‍यों रखा गया है. आरोपी विधायक सहित अन्‍य आरोपियों को दूसरी जगह क्‍यों नहीं भेजा गया. इसके बाद सीबीआई ने आरोपियों को सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया था. बता दें कि मामले की अगली सुनवाई 21 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होगी.