इलाहाबाद: उन्नाव रेप केस में दुष्कर्म पीडि़ता के पिता की मौत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. कोर्ट कल सुनाएगा अपना फैसला. Also Read - Allahabad High court का निर्देश: UP Panchayat Elections में कोरोना से हुई मौत पर एक करोड़ रुपये दें मुआवजा

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हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया Also Read - UP Panchayat Chunav Counting Update: कल ही आएगा यूपी पंचायत चुनाव का रिजल्ट, सुप्रीम कोर्ट ने दे दी काउंटिंग की इजाजत

इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी के पत्र को जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार किया. मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता से पूछा था कि विधायक की गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही है ? कोर्ट ने महाधिवक्ता को अपना पक्ष रखने के लिए दो बजे के बाद का समय दिया था. इसके पहले महाधिवक्ता ने कहा था कि विधायक पर पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. उन्नाव गैंगरेप की सुनवाई लंच के बाद दोबारा दो बजे फिर शुरु हुई. उन्नाव गैंगरेप मामले में सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा, यूपी सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल ने इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा पेश किया. चीफ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस सुनीत कुमार की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई. राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए महाधिवक्ता ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो रही है आरोपी विधायक के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने के चलते नहीं हो रही गिरफ्तारी. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा क्या सभी मामलों में पुलिस पहले साक्ष्य जुटाती है?

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कल भी वरिष्ठ अधिवक्ता के पत्र पर हुई थी सुनवाई

इस मामले में कोर्ट में आज महाधिवक्ता या अपर महाधिवक्ता को सरकार का पक्ष रखने का समय दिया था जिस पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी को न्याय मित्र के रूप में सहयोग करने को कहा, वरिष्ठ अधिवक्ता के पत्र पर बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर पीडिता के पिता का शव जलाया न गया हो तो अंतिम संस्कार को रोका जाए, लेकिन शव का अंतिम संस्कार 10 अप्रैल को ही हो चुका था. वरिष्ठ अधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर उन्नाव में लड़की से दुष्कर्म और उसके पिता की मौत पर स्वत: संज्ञान लेने व मामले को मानीटर करने की मांग की थी.

क्या है अब तक का मामला

विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व इनके गुर्गों पर लड़की से दुष्कर्म का आरोप है. पीडि़ता के पिता ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें विधायक कुलदीप सिंह सेंगर नामजद हैं. इसके बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि उल्टे कार्रवाई करते हुए पीडि़ता के पिता को ही गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि पीडि़ता के पिता को विधायक के भाई अतुल सिंह और विधायक के गुर्गों ने मारपीटा था. गंभीर चोटों के कारण पीड़िता के पिता की मौत हो गयी. पोस्टमार्टम में उसके शरीर के भीतरी और बाहरी हिस्से में 18 चोटें पायी गयी. मामले के तूल पकड़ने और चारो तरफ से दबाव पडऩे पर पुलिस ने विधायक के भाई अतुल सिंह को गिरफ्तार कर लिया.

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समझ से परे पुलिस ने पीड़ित को ही क्यों गिरफ्तार किया ? – हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने कहा कि यह समझ से परे है कि अभियुक्तों को गिरफ्तार न कर पुलिस ने पीडि़ता के पिता को क्यों गिरफ्तार किया ? कोर्ट ने अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पांडेय को इसकी जानकारी महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता को देने को कहा. फ़िलहाल उन्नाव रेप मामले में हाईकोर्ट में बहस पूरी, फैसला सुरक्षित, कल दो बजे कोर्ट सुनाएगा फैसला.