उन्नाव (उप्र): बुरी तरह से झुलसी हुई स्थिति में दिल्ली के एक अस्पताल में उन्नाव बलात्कार पीड़िता का शव शनिवार रात यहां उसके गांव लाया गया. पीड़िता की दिल्ली के एक अस्पताल में शुक्रवार रात मौत हो गई थी. बृहस्पतिवार रात पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए विमान से दिल्ली ले जाया गया था. मृतका के परिवार को जब उसका शव सौंपा गया, तो मौके पर सपा के एमएलसी सुनील साजन, पूर्व विधायक उदय राज यादव और पार्टी के जिला अध्यक्ष धर्मेंद यादव सहित अन्य नेता मौजूद थे. उधर, किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे. दमकल की गाड़ियां भी मौके पर मौजूद थी. गांव में वरिष्ठ अधिकारी सुबह से ही डेरा डाले हुए थे.

 

बता दें कि 23 वर्षीय पीड़िता को गुरुवार तड़के बलात्कार के दो आरोपियों सहित पांच लोगों ने जला दिया था. करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी युवती को एयर एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था और यहां सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान शुक्रवार देर रात उसने दम तोड़ दिया था. डॉक्टर ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता की मौत गंभीर रूप से जलने की वजह से हुई. डॉक्टर ने कहा कि आज सुबह पीड़िता का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके मुताबिक उसके शरीर पर किसी संक्रमण, जहर देने या गला घोंटने के कोई संकेत नहीं मिले हैं. सफदरजंग अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. शलब कुमार ने शुक्रवार को कहा था कि हमारी तमाम कोशिशों के बावजूद पीड़िता जिंदा नहीं बची. उसकी हालत शाम को खराब होने लगी और रात 11 बजकर 10 मिनट पर दिल का दौरा पड़ा. हमने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन रात 11 बजकर 40 मिनट पर उसकी मौत हो गई. एम्बुलेंस के जरिये पीड़िता का शव उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले स्थित उसके गांव ले जाया गया.


उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के भाई ने की ऐसी सजा की मांग
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के भाई ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि उसकी बहन को तभी न्याय मिलेगा जब सभी आरोपियों को वहीं भेजा जाएगा ‘जहां वह चली गई’. उन्होंने कहा कि उसने मुझसे कहा भाई मुझे बचा लो. मैं दुखी हूं, मैं उसे बचा नहीं सका. पीड़िता के भाई ने कहा कि आरोपियों को या तो मुठभेड़ में मार गिराया जाना चाहिए या फांसी देनी चाहिए. उन्हें जिंदा रहने का अधिकार नहीं है. हम यहां से उन्नाव जाएंगे. आरोपियों ने उसे जला तो पहले ही दिया और अब हम उसे दफन करेंगे. उन्नाव पीड़िता की मौत उस दिन हुई जिस दिन हैदराबाद पशु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के चार आरोपियों को तेलंगाना पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया. उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता को आग के हवाले तब किया गया जब वह अदालत में मामले की सुनवाई के लिए रायबरेली जा रही थी.


उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों को 25 लाख रुपये देगी योगी सरकार
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद योगी सरकार ने शनिवार को उसके परिवार को बतौर मुआवजा 25 लाख रुपये देने का ऐलान किया. सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि दिवंगत पीड़िता के परिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है. साथ ही सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवार को एक घर और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का आश्वासन दिया है.


कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर नारेबाजी की
इससे पहले परिजन से मुलाकात करने पहुंचे श्रममंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और क्षेत्रीय सांसद साक्षी महाराज का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर नारेबाजी की. पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो उन्होंने विरोध किया. सूत्रों ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा और दोनों मंत्रियों तथा सांसद को पीड़िता के घर पहुंचाया. मुख्यमंत्री योगी ने मंत्री मौर्य और कमल रानी वरुण को दिवंगत पीड़िता के परिजन से मुलाकात के लिए भेजा था.