नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने उन्नाव बलात्कार पीड़िता और उसके वकील के एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने संबंधी मामले की जांच पूरी करने के लिए सोमवार को सीबीआई को दो सप्ताह का समय और दिया. सड़क हादसे में बलात्कार पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे. न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की एक पीठ ने सीबीआई की चार सप्ताह का समय और देने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह व्यवस्था दी.

सीबीआई ने बलात्कार पीड़िता और उसके वकील के बयान अब तक दर्ज ना हो पाने का हवाला देते हुए अदालत से चार सप्ताह का समय और मांगा था. पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को घायल वकील को पांच लाख रुपए देने का आदेश भी दिया है. वकील की हालत गंभीर बताई जाती है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने दलील दी कि चूंकि दुष्कर्म पीड़िता और उसके वकील का बयान दर्ज नहीं हो पाया है, इसलिए उसे जांच के लिए और मोहलत दी जाए. सीबीआई ने कोर्ट को विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि चूंकि उन दोनों की अवस्था ऐसी नहीं है कि अभी बयान दे सकें, इसलिए उसे समय दिया जाए. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी की मांग को दरकिनार कर दिया.

आपको बता दें कि भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने उन्नाव की एक महिला के साथ कथित रूप से चार जून 2017 को और तीन अन्य लोगों ने 11 जून 2017 को दुष्कर्म किया था. महिला फिलहाल एम्स में जिंदगी की जंग लड़ रही है. एक ट्रक ने पिछले महीने 28 जुलाई को उस गाड़ी में टक्कर मार दी थी, जिसमें महिला अपने परिवार के कुछ सदस्यों और वकील के साथ सफर कर रही थी. हादसे में पीड़िता की दो महिला रिश्तेदारों की मौत हो गई थी. उत्तर प्रदेश विधानसभा में चार बार बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके सेंगर अप्रैल 2018 से ही जेल में बंद है.