लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर और कानपुर देहात में जहरीली शराब पीने से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. इस हादसे में कानुपर नगर में पांच और कानपुर देहात में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने ठेका संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है. मामले में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. रूरा थाने में दर्ज हुई एफआईआर में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक रामस्वरूप सिंह गौर और उसके रिश्तेदारों का नाम भी शामिल है. हादसे के बाद पुलिस टीम ने संयुक्त छापेमारी करके समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक के भतीजे के घर से अवैध शराब बरामद की. उधर, मामले में लापरवाही बरतने पर आबकारी इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को दो लाख रुपये दिए जाने की घोषणा की है.

 

जानकारी के मुताबिक, कानपुर शहर के सचेंडी थाना क्षेत्र के हेतपुर, सुरार व दूल गांव में शनिवार को जहरीली शराब पीने से रिटायर्ड दरोगा जगजीवन राम (62), किसान रचनेश शुक्ला (50), प्राइवेट कर्मी राजेंद्र कुमार तोमर (45) किसान उमेश यादव (35) और रामजीवन कोरी उर्फ उमेश की मौत हो गई थी. इन सभी ने शराब एक देसी ठेके से खरीदी थी. कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली, बलेथा, मघईपुरवा व भंवरपुर गांव में रविवार सुबह जहरीली शराब पीने से 5 की मौत हो गई. जबकि दो दर्जन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. उन्हें जिला अस्पताल अकबरपुर में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि सभी ने शनिवार को एक ही देसी शराब ठेके से शराब खरीदी थी. सूचना मिलने पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे और ठेका सीज कर दिया गया. उधर, मृतकों की पहचान रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली निवासी श्यामू (40), छुन्ना कुशवाहा (28), हरी मिश्रा (50) व बलेथा के नारेबद्र सिंह (40) व एक अन्य के रूप में हुई है.

माधुरी ब्रांड की है शराब
शराब दुकान का अनुज्ञापी बैरी शिवली कानपुर देहात निवासी सतीश मिश्रा बताया जा रहा है, जो मौके से फरार है. जहरीली शराब माधुरी ब्रांड के नाम से बेची जा रही थी. बताया जा रहा है कि इसके हजारों क्वार्टर शराब में दुकान का सेल्समैन आग लगाकर फरार हो गया है. पुलिस मौके पर छानबीन करने में जुटी है. उधर, बताया गया है कि जिस ब्रांड की बिक्री की गई वह माधुरी ब्रैंड का बैच नंबर-442 कहीं और बना है. फिलहाल इसे कानपुर मंडल में प्रतिबंधित कर दिया गया है.

ग्रामीणों ने नहीं उठाने दिया शव, डीएम-एसएसपी के आश्‍वासन पर माने
गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के सामने हंगामा किया और शवों को उठने नहीं दिया. लोगों का गुस्सा देख कई थानों की फोर्स और पीएसी को बुलाया गया. गांव में तनाव के मद्देनजर फोर्स को तैनात किया गया है. डीएम और एसएसपी के आश्वासन पर बलेथा के मृतक के परिजनों ने शव उठाने दिया. मामले को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम से हादसे की जानकारी ली है. सीएम ने शराब से मौत के मामले में सभी मृतक आश्रितों को दो-दो लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है. साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं. आशंका जताई जा रही है कि रूरा के मढौली गांव में भी शराब उन्नाव की उसी डिस्टलरी से सप्लाई की गई होगी, जिससे कानपुर के सचेंडी में हुई थी.

मुख्‍यमंत्री ने दिए जांच के आदेश, सपा के पूर्व विधायक का भी नाम
कानपुर नगर व देहात में जहरीली शराब से 10 लोगों की मौत के मामले को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने गंभीरता से लिया है. रविवार को गोरखपुर दौरे के दौरान सीएम योगी ने कानपुर की घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी. उन्‍होंने कहा कि मामले में पूर्व सपा विधायक और उनसे जुड़े कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं. देशी शराब की आड़ में मिलावटी शराब का तांडव कुछ लोगों ने किया है. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि मामले की जांच के आदेश जिला प्रशासन को दिए गए हैं. उनसे कहा गया है कि मामले में जो भी लापरवाह और दोषी कर्मचारी या अधिकारी लिप्‍त पाया जाए, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए.

डिप्‍टी सीएम ने जाना हाल
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने रविवार को जहरीली शराब पीने के कारण अस्‍पताल में भर्ती लोगों का हाल जाना. इस दौरान उन्‍होंने कानपुर में उर्सुला अस्पताल का दौरा किया. उप मुख्‍यमंत्री ने कहा कि जहरीली शराब पीकर जान गंवाने वालों के परिजनों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दे दी गई है.