लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के महोबा जिले के स्‍टोन व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या से संबंधित पांच ऑडियो टेप सोशल मीडिया पर लीक होने के बाद हलचल मच गई है. गौरतलब है कि व्यवसायी की रविवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. Also Read - Sri Krishna Janmabhoomi Dispute: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को, जानें क्या है विवाद

इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या के बाद 24 घंटे से भी कम समय के अंदर महोबा के पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया था. त्रिपाठी ने आईपीएस अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. वहीं, वह अपनी ही कार में मृत मिले थे, उनकी गर्दन पर गोली लगी थी. चारों ऑडियो टेप कथित तौर पर मारे गए व्यवसायी के हैं, जिन्होंने मरने से पहले बुंदेलखंड में पत्थर खनन को लेकर राजनेताओं, पुलिस और जिला प्रशासन से जुड़े जबरन वसूली रैकेट का खुलासा किया था. Also Read - Shocking: तीन लुटेरी बहनों ने मचा रखा था आतंक, ऐसे बनाती थींं लोगों को शिकार...

पहली बातचीत व्यापारी, स्थानीय विधायक और अज्ञात व्यक्तियों के बीच की है, जबकि पांचवीं बातचीत त्रिपाठी के चचेरे भाई बृजेश शुक्ला और अपराधी आशु भदौरिया के बीच की है. इन ऑडियो टेप का सत्यापन अभी नहीं किया गया है. सामने आए एक ऑडियो त्रिपाठी को एक अनजान व्यक्ति से फोन पर बात करते और कहते सुना जाता है कि “जो डिमांड एसपी साहेब की वही डिमांड डीएम की है. पांच लाख एसपी, पांच लाख डीएम और बाकी सब के लिए पांच लाख. हम क्या खाएंगे?” Also Read - मुझे गोली मत मारना...गले में तख्‍ती लटकाए इनामी बदमाश ने किया अनोखा सरेंडर

उसी ऑडियो में अज्ञात कॉलर को यह कहते हुए सुना जाता है कि उसने जून और जुलाई में एसपी को 6 लाख रुपए का भुगतान किया था, लेकिन जब प्रशासन द्वारा पत्थर को तोड़ने का काम बंद कर दिया गया, तो वह अधिक नहीं दे सका.

अन्य 4.26 मिनट के एक ऑडियो में त्रिपाठी एक सहयोगी से यह कहता है कि वह पहली बार एसपी महोबा से मिला था और उसे बताया था, “आपकी ही छत्रछाया में जी रहे हैं, आप जैसा बोलेंगे वैसा करेंगे.” इसी ऑडियो में त्रिपाठी कहता है कि वह कभी भी रिश्वत देने के लिए एसपी के पास नहीं गया, लेकिन उसे एक अज्ञात जगह बताई जाएगी, जहां यह राशि उनके गुर्गे को सौंपना होगा.

इसी तरह 28 सेकंड के एक अन्य ऑडियो में त्रिपाठी को यह कहते सुना गया कि उन्होंने एसपी को 5 लाख रुपए और स्टेशन ऑफिसर को 1 लाख रुपए रिश्वत दिया है. इसके बाद की बातचीत में त्रिपाठी को एक विधायक के साथ बातचीत करते हुए और शिकायत करते सुना जा सकता है कि कैसे महोबा के एसपी, मणिलाल पाटीदार द्वारा उसे 6 लाख रुपए तक की रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जा रहा था.

वहीं एक अन्य 1.49 मिनट का ऑडियो 8 सितंबर को त्रिपाठी को गोली लगने से कुछ ही घंटे पहले की है. ऑडियो में स्थानीय गुंडा भदौरिया को व्यापारी के भतीजे से यह कहते सुना गया कि राजा साहब (एसपी महोबा) बहुत नाराज हैं.

अपराधी कह रहा है, “अपने चाचा इंद्रकांत पर नजर रखो. यदि तुम्हें उसका ठिकाना नहीं मिला, तो इसका परिणाम भुगतना होगा.” महोबा एसपी के निलंबित होने के बाद उनकी जगह पदभार संभालने वाले अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि इन ऑडियो को सत्यापित किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “डीएसपी रैंक का एक अधिकारी मामले की जांच कर रहा है.”

इस बीच उप्र के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा कि व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या और इसके पीछे की परिस्थितियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है.

बता दें कि 8 सितंबर को इंद्रकांत त्रिपाठी को अज्ञात व्यक्तियों ने गोली मार दी थी. मौत के के चंद घंटे पहले उसने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें आरोप लगाया था कि एसपी महोबा मणिलाल पाटीदार ने उससे जबरन वसूली की और अगर उनके साथ कुछ भी हुआ, तो उसका जिम्मेदार पाटीदार होंगे. त्रिपाठी ने कानपुर में इलाज के दौरान 13 सितंबर को दम तोड़ दिया था.