कानपुर (Kanpur) उत्‍तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने सोमवार को बिकरू कांड (Bikaru encounter) के सात आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है, जिन्होंने कथित तौर पर खूंखार गैंगस्टर (Gangster)विकास दुबे (Vikas Dubey) और उसके साथियों को शरण देने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में मदद की थी.Also Read - ड्राइवर ने थूका गुटखा और हो गया बड़ा हादसा, 4 लोगों की मौत, 3 की हालत गंभीर समेत दर्जनों घायल

एसटीएफ के अपर महानिदेशक (एडीजी) अमिताभ यश ने सोमवार को बताया कि आरोपियों की गिरफ़्तारी भौती पनकी पड़ाव चौराहे से औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाले सर्विस रोड के पहले अंडरपास के नीचे से की गई और उनके कब्‍जे से भारी मात्रा में असलहा और कारतूस बरामद किया गया है. Also Read - यूपी के मंदिर में पुजारी का मर्डर, पूजा करने पहुंचे भक्तों ने खून से लथपथ शव देखकर पुलिस को बुलाया

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान विष्णु कश्यप, अभिनव तिवारी उर्फ चिंकू, अमन शुक्ला, रामजी उर्फ राधे, संजय परिहार उर्फ पिंकू, मनीष यादव उर्फ शेरू और शुभम पाल के रूप में हुई है, जो कानपुर देहात के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं. Also Read - नाबालिग लड़के का धर्मपरिवर्तन करके किया निकाह, बीवी और उसके माता-पिता गिरफ्तार

एडीजी ने बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि गैंगस्‍टर विकास दुबे की गैंग के जो बचे हुए असलहे और कारतूस हैं उनकी उनकी खरीद और बिक्री की बात चल रही है और मध्‍य प्रदेश के भिंड जिले के निवासी एक व्‍यक्ति से बात पक्‍की हो गई है.

मुखबिर ने एसटीएफ को बताया कि इसका सौदा भौती पनकी पड़ाव चौराहे से औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाले सर्विस रोड के पहले अंडरपास के नीचे किया जाएगा. इस सूचना पर एसटीएफ टीम ने त्‍वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया.

गिरफ़्तार किए गए आरोपियों के कब्‍जे से एक सेमी आटोमेटिक राइफल, एक नाइन एमएम अवैध कार्बाइन, एक रिवाल्‍वर, एक एसबीबीएल बंदूक 12 बोर, 315 बोर के दो अवैध तमंचे और वि‍भिन्‍न बोर के बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं. सिम कार्ड, मोबाइल, कार के अलावा आरोपियों के पास से दो लाख पांच हजार रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं.

बता दें कि 2/3 जुलाई 2020 को कानपुर जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में खूंखार गैंगस्‍टर विकास दुबे के घर पुलिस क्षेत्राधिकारी के नेतृत्‍व में दबिश देने गई पुलिस टीम पर दुबे और उसके साथियों ने छतों से मोर्चा लेकर फायरिंग की, जिसमें तत्‍कालीन क्षेत्राधिकारी बिल्‍हौर देवेंद्र मिश्र एक उनके हमराह तीन उपनिरीक्षक और चार आरक्षी (कुल आठ) लोग शहीद हो गए, जबकि छह पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. तब गिरोह बंद बदमाशों ने पुलिस का असलहा लूट लिया था. बाद में विकास दुबे को मध्‍यप्रदेश के उज्‍जैन में पुलिस ने गिरफ़्तार किया, जिसे उत्‍तर प्रदेश वापस लाते हुए पुलिस ने कानपुर में मुठभेड़ में मार गिराया था.