लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश लखनऊ जिला प्रशासन ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ 19 दिसंबर, 2019 को शहर में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं में सार्वजनिक संपत्ति को पहुंची क्षति की भरपाई के लिए आरोपियों के फोटो वाली होर्डिंग जगह-जगह लगवा दी है. Also Read - UP: युवती ने 2 साल पहले जिस 'अशोक राजपूत' से की थी शादी, वह निकला अफजल खान

प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान राजधानी में हुई हिंसा में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले प्रदर्शनकारियों के नाम और पते भी होर्डिंग के जरिए सार्वजनिक कर दिए हैं. प्रशासन ने उनकी फोटो लगी हुई होर्डिंग्स उन इलाकों में लगवाई हैं, जहां उन पर तोड़फोड़ करने का इल्जाम लगा है. Also Read - Corona Spike in UP: यूपी में COVID19 के 15,353 नए केस आए इलाहाबाद HC में कल से ऑनलाइन सुनवाई

जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने शुक्रवार को बताया, ‘राजस्व अदालत के स्तर पर नुकसान की भरपाई के लिए उपद्रवियों के खिलाफ रिकवरी नोटिस जारी किया गया है. इस हिंसक प्रदर्शन में 1.61 करोड़ रुपए कीमत की संपत्ति का नुकसान हुआ है.’ Also Read - UP Zila Panchayat Chunav 2021: बीजेपी ने कुलदीप सिंह सेंगर की पत्‍नी संगीता सेंगर का टिकट किया कैंसिल

जिलाधिकारी ने बताया, ‘चार थाना क्षेत्रों में डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक नुकसान की वसूली के लिए तीन आदेश जारी किए जा चुके हैं. आगे अगर पुलिस साक्ष्य उपलब्ध कराएगी तो बाकी आरोपियों से भी वसूली होगी.’

प्रकाश ने बताया कि सभी को नोटिस जारी होने की तिथि से 30 दिन की मोहलत दी गई है. अगर निर्धारित समय तक राशि नहीं जमा की गई तो आरोपियों की संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी.

जिलाधिकारी ने कहा कि उपद्रवियों के पोस्टर और होर्डिंग लगाने से दूसरे लोगों को सबक मिलेगा कि वे भविष्य में किसी के बहकावे में आकर हिंसा या तोडफोड़ ना करें. नहीं तो इसी तरह उनके घर के बाहर भी पोस्टर चस्पा कराए जा सकते हैं.

बता दें सीएए के खिलाफ 19 दिसंबर, 2019 को लखनऊ में आहूत प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्ष में तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी. इस वारदात में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी और बड़ी संख्या में लोग जख्मी हुए थे.