लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकारी बंगला खाली कराए जाने के आदेश के बाद बंगला नहीं छोड़ने के लिए पूर्व मुख्यमंत्रियों ने जैसे-जैसे बहाने बनाए हैं, उसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी हंसी-मजाक हो रहा है. बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा सरकारी बंगले के बाहर कांशीराम यादगार विश्राम स्थल का बोर्ड लगाए जाने के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दो साल का समय मांगा. उन्होंने कहा कि वह लखनऊ में किराए का फ्लैट तलाश रहे हैं. फिलहाल वह नया घर बनवा पाने की स्थिति में नहीं हैं. ‘अखिलेश के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स मजाकिया लहजे में एक-दूसरे को ‘पूर्व मुख्यमंत्री के लिए लखनऊ में घर की तलाश’ को कह रहे हैं.

ट्विटर पर घर खोजने को इस तरह चल रहा अभियान
अखिलेश के बयान के बाद ट्विटर पर उनके लिए घर कुछ इस अंदाज में तलाश किया जा रहा है. एक यूजर ने लिखा- ‘ मेरा 2BHK फ्लैट 900 स्क्वायर फीट किराए के लिए उपलब्ध है. किराया दो हजार रुपए. एक्स सीएम के लिए 10 प्रतिशत डिस्काउंट है. बेहिचक संपर्क करें.’

एक अन्य यूजर ने लिखा- ‘अखिलेश यादव, मैं आपके लिए किराए का फ्लैट तलाश सकता हूं. आपको कैसे फ्लैट की ज़रूरत है, बताइए. गरीबी के कारण मैं इसका कोई चार्ज नहीं लूंगा. चिंता न करें. इंडिया फर्स्ट ट्विटर हैंडल से अखिलेश के लिए लिखा गया कि ‘आपको रेंट हाउस उपलब्ध कराने वाली साइट्स देखनी चाहिए. आपको फ्लैट या बंगला मिल जाएगा.’

माया, मुलायम और अखिलेश नहीं छोड़ पा रहे बंगले का मोह
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूपी के छ मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला खाली करने के आदेश दिए गए हैं. राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह, एनडी तिवारी, मुलायम सिंह यादव, मायावती व अखिलेश यादव को इसके लिए नोटिस जारी हुए हैं. बंगला खाली करने को 15 दिन का समय दिया गया है. आदेश के बाद राजनाथ सिंह और कल्याण सिंह ने बंगला खाली करने की तैयारी कर ली है. कुछ पूर्व मुख्यमंत्री बंगले से मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं. इसे लेकर मुलायम सिंह यादव सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंचे थे. उन्होंने बंगला खाली नहीं कराए जाने के सुझाव दिए हैं. इसके बाद मायावती ने बंगले के बाहर कांशीराम यादगार विश्राम स्थल लिखा हुआ बोर्ड बंगले के बाहर लगवा दिया. इसके बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि ‘उन्हें लखनऊ में किराए पर फ्लैट की तलाश है. वह तुरंत ही घर बनवाने के योग्य नहीं हैं. उन्हें इसके लिए कम से कम दो साल का समय चाहिए.