बांदा : विश्व हिंदू परिषद ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर अपने सरकारी बंगले की दीवारों में अवैध धन छिपा के रखने का आरोप लगाया है. अखिलेश के सरकारी बंगले में टोटी और टाइल्स उखड़वाने के आरोप को लेकर मचे घमासान में अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) भी कूद पड़ी है.

विहिप का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दीवारों के पीछे अवैध तरीके से कमाया गया धन छिपाया था. शुक्रवार को बांदा पहुंचे कानपुर प्रांत के गोरक्षा प्रमुख प्रभाकर सिंह चंदेल ने कहा, ‘अखिलेश यादव के जिस सरकारी बंगले की दीवारें और सीलिंग तोड़ी गई हैं, दरअसल उसके पीछे अवैध तरीके से कमाया गया धन छिपाया गया था.’

राज्य सरकार के आदेश पर राज्य संपति विभाग ने हालांकि अखिलेश यादव को आवंटित 4 कालिदास मार्ग बंगले में हुए नुकसान की जांच शुरू कर दी है, मगर आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है. भाजपा नेताओं के अलावा विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) भी इस विवाद में कूद पड़ी है. प्रभाकर सिंह चंदेल ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, पिछली सरकार ने उत्तर प्रदेश में जो लूट-खसोट मचाई थी, उससे जमा अवैध धन बंगले की इन्हीं दीवारों के पीछे छिपाया गया था. दीवारों में रुपयों के बंडल, सोने की सिल्लियां और भारी मात्रा में हीरे-जवाहरात छिपाए गए थे. इतना ही नहीं, नलों की गायब टोटियां भी सोने की थीं, जिन्हें बाद में ले जाया गया है.

चंदेल ने बंगले में तोड़फोड़ की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग करते हुए कहा, दीवारें तोड़कर धन कहां ले जाया गया, इसकी जांच होनी चाहिए. इसके पहले भी आयकर विभाग ऐसी ही जगहों से अवैध संपति बरामद चुका है. हालांकि सरकारी बंगले में तोड़ फोड़ के आरोपों से पूर्व सीएम अखिलेश यादव पहले ही इंकार कर चुके हैं. पूर्व सीएम का कहना है कि पिछले उपचुनावों में मिली हार के बाद बौखलाई बीजेपी ओछी राजनीति कर रही है. बंगले में तोड़फोड़ विवाद को लेकर अखिलेश ने नौकरशाही और मीडिया को भी अपनी प्रेस कांफ्रेंस में जमकर खरी खोटी सुनाई थी.