UP Assembly Election 2022: यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी तैयारी में जुटी हुई है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी (BJP) के बड़े नेताओं की सभाएं लगातार चल रही हैं. बीजेपी नेता विपक्षी दलों को जवाब देकर घेरने की कोशिश में नज़र आ रहे हैं, हालाँकि सपा, कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमलावर है. कई बार बसपा (BSP) भी सरकार खिलाफ सक्रिय नज़र आती है. गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने यूपी के सहारनपुर (Saharanpur News) में हुई रैली के दौरान बताया कि उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का टीवी पर भाषण देखा. अमित शाह ने इस भाषण में अखिलेश यादव द्वारा कही गईं बातों का जवाब भी दिया.Also Read - Prayagraj Students Beaten Entering Hostel: प्रयागराज में पुलिस ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों को पीटा, अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी ने CM योगी को घेरा

अमित शाह ने कहा- ‘मैं टीवी पर अखिलेश यादव का भाषण देख रहा था. अखिलेश यादव कह रहे थे की उत्तर प्रदेश में अपराध बढ़ गया है. अमित शाह ने कहा कि ‘अखिलेश जी आप कहां से ये बातें ला रहे हैं. ये आंकड़ें कौन से हैं. मैं योगी जी और आपके कार्यकाल की तुलना करते हुए डाटा लाया हूं. उत्तर प्रदेश में अपराध बढ़ा नहीं बल्कि कम हुआ है. Also Read - Punjab Elections 2022: कांग्रेस ने पंजाब के लिए 23 उम्‍मीदवारों का किया ऐलान, देखें List

अमित शाह ने दावा किया कि ‘उत्तर प्रदेश में डकैती के मामले में कम हो गए हैं. हथियारों के बल पर लूट के मामले 69 प्रतिशत, हत्याएं 30 प्रतिशत, दहेज प्रथा से हत्याओं के मामले 22. 5 प्रतिशत कम हो गए हैं. अमित शाह ने कहा कि अखिलेश यादव घर जाएँ और आंकड़ें चेक करें. सपा के शासन में माफिया राज था. आज यूपी में कानून का राज है. Also Read - UP Election 2022: BJP ने यूपी चुनाव के लिए 8 और नामों का किया ऐलान, देखें List

अमित शाह का ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें कई लोग अमित शाह के दावे को गलत बता रहे हैं और यूपी में अपराधों को लेकर एनसीआरबी के आंकड़ें शेयर करते हुए कह रहे हैं कि यूपी तो देश में अपराध में पहले नम्बर पर है. वहीं, कई लोग अमित शाह का समर्थन करते हुए बीजेपी शासन को इस मामले में बेहतर बता रहे हैं.

वहीं, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों के समय अराजकता का तांडव इस कदर था कि उत्तर प्रदेश की तस्वीर ही बदरंग हो गई थी. सहारनपुर को दंगे की आग में झोंक दिया गया था, कभी बिजनौर तो कभी बरेली में दंगे होते थे. प्रदेश की वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी दंगा नहीं हुआ.