सदन में हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष की दो टूक, बोले- चर्चा के लिए है फ्लोर, बाधा डालना ठीक नहीं
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान हुए हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित करना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है. वहीं भाजपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी पर सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया.
यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना.
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में समाजवादी पार्टी के विधायकों के हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सदन में हर सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है. विपक्ष अपनी बात रख सकता है और सरकार उसके सवालों का जवाब देगी. लेकिन सदन की कार्यवाही में बाधा डालना सही नहीं है. लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत के दौरान सतीश महाना ने कहा कि उनका प्रयास था कि विपक्ष की ओर से दिए गए नोटिस पर सदन में चर्चा हो. उन्होंने कहा कि विधानसभा का मंच चर्चा के लिए होता है. यहां सहमति और असहमति दोनों लोकतंत्र का हिस्सा हैं. विपक्ष अपनी बात रखे और सरकार उसका जवाब दे.
विपक्ष के सभी जरूरी नोटिस किए गए स्वीकार
सतीश महाना ने बताया कि विपक्षी विधायकों की ओर से सुबह जो भी नोटिस दिए गए थे, उनमें से नियमों के अनुसार सभी जरूरी नोटिस स्वीकार किए गए थे. उनका उद्देश्य था कि सदन में मुद्दों पर चर्चा हो और सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका मिले. उन्होंने कहा कि अगर सदन की कार्यवाही चल रही हो और विपक्ष लगातार उसमें बाधा पैदा करे तो फिर सदन चलाने का कोई मतलब नहीं रह जाता. उन्होंने कई बार विपक्षी सदस्यों से शांत रहने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो नियमों के अनुसार फैसला लेना पड़ा.
मंत्रियों ने सपा पर लगाए आरोप
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा को प्रदेश का विकास पसंद नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सदन में जनता और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है, समाजवादी पार्टी किसी न किसी तरह से बाधा पैदा करने की कोशिश करती है. नरेंद्र कश्यप ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी. उन्होंने सपा नेताओं के व्यवहार को असंसदीय बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.
सपा के व्यवहार पर सरकार का हमला
मंत्री संजय निषाद ने विधानसभा में हुए हंगामे को अमर्यादित और अशोभनीय बताया. उन्होंने कहा कि विपक्ष को जनता की आवाज बनकर काम करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की नीति और नीयत जनता के हित में नहीं है.वहीं मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सदन की कार्यवाही रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी सड़कों से लेकर सदन तक गलत तरीके का व्यवहार कर रही है.
भाजपा विधायकों ने भी साधा निशाना
भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी पहले भी इसी तरह की गतिविधियां करती रही है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में पोस्टर दिखाना और सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाला व्यवहार उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि जनता लोकतंत्र की सभी गतिविधियों को देख रही है और ऐसे मामलों पर अपना फैसला करेगी. (IANS Hindi)
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