आगरा: उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की चेयरपर्सन दरवेश यादव की एक साथी-वकील ने गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि वह अध्यक्ष बनने पर स्वागत समारोह के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मिश्रा के चैम्बर में बैठी थीं. बता दें कि दो दिन पहले ही उन्हें (दरवेश यादव) अध्यक्ष चुना गया था.

 

पुलिस के मुताबिक, हमलावर की पहचान मनीष शर्मा के रूप में की गई है, बताया जा रहा है कि उसने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को भी गोली मार ली. पुलिस दोनों को शहर के निजी अस्पताल लेकर गई, जहां डाक्टरों ने दरवेश यादव को म्रत घोषित कर दिया, जबकि हमलावर मनीष शर्मा की हालत गंभीर बनी हुई है. सूत्रों के मुताबिक, दरवेश यादव के सहयोगी अधिवक्ता हमलावर मनीष शर्मा ने पहले सुश्री यादव को तीन बार गोली मारी, इसके बाद दो गोली खुद को भी मार ली. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है.

विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी
उधर, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की चेयरपर्सन दरवेश यादव की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया. अधिवक्ता समूहों ने गुरुवार को व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है.

बार काउंसिल की पहली महिला चेयरपर्सन
दरवेश सिंह मूल रूप से एटा की रहने वाली थीं. रिटायर्ड पुलिस क्षेत्राधिकारी की बड़ी पुत्री दरवेश वर्ष 2016 में बार काउंसिल की उपाध्यक्ष और 2017 में कार्यकारी अध्यक्ष भी चुनी गई थीं. वे पहली बार 2012 में सदस्य पद पर विजयी हुई थीं. तभी से बार काउंसिल में सक्रिय रहीं. उन्होंने आगरा कॉलेज से विधि स्नातक की डिग्री हासिल की. 2004 में उन्होंने वकालत शुरू की. बताया जा रहा है कि उनके हमलावर मनीष बाबू शर्मा के साथ घनिष्ठ रिश्ते थे.