लखनऊ: भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर को भले ही लखनऊ के घंटाघर में चल रहे नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध प्रदर्शन में भाग लेने से रोक दिया गया हो, मगर इसके बावजूद वह अपनी इस यात्रा का अच्छे से इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं. चंद्रशेखर ने सोमवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर से उनके गेस्ट हाउस में मुलाकात की. इस दौरान दोनों ने 2022 का विधानसभा चुनाव भागीदारी संकल्प मोर्चा नामक एक बड़े गठबंधन के हिस्से के रूप में लड़ने का फैसला किया. Also Read - 54 जिलों से हैं 50% प्रवासी, 44 यूपी-बिहार के ही, PM मोदी का वाराणसी, योगी का गोरखपुर, अखिलेश का इटावा लिस्ट में

राजभर ने संवाददाताओं से कहा, “सभी दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक इस मोर्चे में एक साथ आएंगे और हम भाजपा को हराने की दिशा में काम करेंगे.” राजभर ने लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार से बर्खास्त होने पर भारतीय जनता पार्टी से नाता तोड़ लिया था. इस बीच चंद्रशेखर ने लखनऊ के रविदास मंदिर का दौरा किया. उन्होंने परिसर के एक जीर्ण-शीर्ण छात्रावास में रहने वाले दलित छात्रों से मुलाकात भी की. Also Read - नोएडा में टिड्डी दल से बचाव के लिए बनी कमेटी, डीएम ने किसानों को दी सलाह

चंद्रशेखर को कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर ले जाया गया. भीम आर्मी के एक स्वयंसेवक ने कहा कि पुलिस केवल यह सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ थी कि वह किसी भी सीएए विरोधी प्रदर्शन में भाग न लें. Also Read - राजस्थान सरकार पर मायावती का निशाना, कहा किराया मांगना कंगाली और अमानवीयता का प्रदर्शन

(इनपुट आईएएनएस)