लखनऊ : यूपी बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को बधाइयों और सौगातों का तांता लगा हुआ है. सीएम योगी, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और फिर प्रदेश के दूसरे डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने छात्रों को बधाई देते हुए उनके गांवो की सड़कों को मुख्य मार्ग से जोड़ने का वादा कर डाला.

छात्रों को बधाई देने की नेताओं में लगी होड़
रविवार को यूपी बोर्ड का रिसल्ट आने के बाद से ही प्रदेश के उत्तीर्ण छात्रों को बधाई और सौगात देने की जैसे होड़ मच गई. सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफल छात्रों को बधाई दी और और टॉप 10 छात्रों से मुलाकात का वादा किया फिर डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने टॉपर्स छात्रों से फोन पर बात कर उन्हें बधाई देने के साथ ही प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी सरकार और माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों की पीठ थपथपाई तो वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी यूपी बोर्ड के 11 टॉपर्स को लैपटॉप देने का वादा कर डाला फिर सूबे के दूसरे डिप्टी सीएम कैसे पीछे रह जाते.

टॉपर्स छात्रों के गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जायेगा – केशव मौर्य
यूपी बोर्ड के अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए के डिप्टी सीएम केशव मौर्या ने भी छात्रों को बधाई दी उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बहुत बधाई, परीक्षा में सर्वोच्च स्थान पाने वालों को प्रदेश सरकार सम्मान करेगी इसी के साथ डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने मेधावी छात्र-छात्राओं के गांवों को सड़कों को जोड़ने का भी वादा किया सौगातों के क्रम में केशव मौर्य ने कहा कि यूपी बोर्ड के टॉप 10 में चयनित हुए 10वीं के 55 छात्रों और 12वीं के 42 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा. इनके गांवों की सड़कें पक्की होंगी. उन्होंने बताया कि पक्का निर्माण करने और मेधावियों के गांव की सड़कों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का आदेश दे दिया गया है. केशव मौर्य ने कहा कि सड़कों का उद्घाटन भी छात्र-छात्राएं ही करेंगे. सफल छात्रों को बधाई के साथ ही साथ उन्होंने असफल छात्रों को भी सांत्वना देते हुए कहा कि वो उनकी निराशा को समझ सकते हैं.

नकलविहीन परीक्षा में भी आंकड़ा उत्तम
रविवार को यूपी बोर्ड के रिजल्ट की घोषणा हुई. सूबे की योगी सरकार ने नकल के लिए बदनाम यूपी बोर्ड की परक्षाओं को इस बार नकल विहीन करने की पूरी कवायद की थी. जिस क्रम में लाखों परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी और कुछ नकल माफियाओं पर भी शिकंजा कसा गया था बावजूद इसके इस वर्ष 12वीं की परीक्षा में 72.43 फीसदी और 10वीं में 75.16 फीसदी छात्रों ने बोर्ड परीक्षा में सफलता पाई.