UP Politics: उपचुनाव के लिए BJP ने शुरू की जमीनी तैयारी, 3 करोड़ नए सदस्य बनाने का लक्ष्य

Written By: Farha Fatima Updated by: Farha Fatima
Updated Date:August 24, 2024 7:56 AM IST

सांसद और विधायक ही नहीं, बल्कि मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका, नगर पंचायत चेयरमैन, पार्षदों को भी सदस्यता अभियान के तहत जिम्मेदारी सौंपी गई है.

यूपी में 10 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. ये सीटें गाजियाबाद, खैर, मीरापुर, कुंदरकी, करहल, कटेहरी, मिल्कीपुर, सीसामऊ, मझवां और फूलपुर हैं. इनमें से 5 सीटें अभी NDA के पास, 5 विपक्षी गठजोड़ I.N.D.I.A. के पास थीं. लेकिन अब राजनीति क्या मोड़ लेगी यह तो समय ही बताएगा. यूपी में भाजपा के विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधियों की लोकप्रियता का पैमाना साबित होगा या नहीं, ये भी देखने वाली बात होगी. इन जनप्रतिनिधियों की संगठन में भागीदारी सदस्यता अभियान की सक्रियता के आधार पर तय होगी. इसके लिए भाजपा तैयारी कर रही है, कई पैमाने तय किए गए हैं और लक्ष्य रखे गए हैं. बूथ स्तर पर भी भाजपा की रूपरेखा तय हुई है.

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उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ नए सदस्य बनाने का लक्ष्य

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है. सदस्यता अभियान की शुरुआत एक सितंबर से होगी.राज्य के हर एक बूथ पर बीजेपी ने 200 नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है. कुल एक लाख 68 हजार बूथ की गुणागणित के हिसाब से करीब 3 करोड़ सदस्यों को जोड़ना है.

हर सांसद को 20 हजार और विधायक को 10 हजार सदस्यों को जोड़ने का टार्गेट दिया गया है. जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच सक्रिय रहने की कवायद के तहत यह फैसला नेतृत्व की तरफ से किया गया है.

व्यक्तिगत संपर्क के जरिए लोगों को जोड़ने का फैसला

खास बात यह है कि वर्चुअल संवाद की जगह व्यक्तिगत संपर्क के जरिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का फैसला किया गया है. केवल सांसद और विधायक ही नहीं, बल्कि मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका, नगर पंचायत चेयरमैन, पार्षदों को भी सदस्यता अभियान के तहत जिम्मेदारी सौंपी गई है. ग्रामीण इलाकों में भी अधिक फोकस रखने का निर्देश है.

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संवाद और सौगात यानी 'S-S' प्लान के जरिए सीएम ने भाजपा के लिए उपचुनाव की जमीनी तैयार करनी शुरू कर दी है. सीएम ने विकास, संवाद और साथ के जरिए उपचुनाव को साधने की कोशिश शुरू की है. क्षेत्रों में पहुंचने से पहले मंत्रियों की टोली, जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद के जरिए यहां के मसलों और मूड को भी वह टटोल रहे हैं.

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