लखनऊ : उपचुनावों में हार के लिए मुख्यमंत्री को दोषी ठहराने वाले उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री व सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव से मुलाकात की. अपने विवादित बयानों के चलते अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले वर्तमान बीजेपी सरकार के मंत्री राजभर ने यूं तो इसे महज शिष्टाचार भेंट बताया है, लेकिन दोनों नेताओं की मुलाकात ने प्रदेश सियासी हलचल बढ़ा दी है. वाराणसी में ओम प्रकाश राजभर व शिवपाल यादव ने बंद कमरे में करीब 10 मिनट तक बातचीत की और उधर सियासी चर्चाओं का बाजार गरम हो गया. आगामी चुनाव के मद्देनजर तरह-तरह की अटकलें लगाई जानें लगीं. इस बारे में जब शिवपाल से बात की गई तो उन्होंने भी इस मुलाकात को महज औपचारिक मुलाकात बताया.

मीडिया के सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा, ये शिष्टाचार भेंट. शिवपाल यादव जब सत्ता में थे तो वो भी मेरी मदद किया करते थे. हालांकि मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने प्रदेश की भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेने या उससे अलग होने संबंधी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि, वो 2024 तक भाजपा के साथ हैं और रहेंगे. मंत्री राजभर शुक्रवार की सुबह सर्किट हाउस पहुंचे. सर्किट हाउस में दोनों नेताओं ने करीब दस मिनट तक बंद कमरे में बातचीत की. मंत्री के बेटे अरविंद राजभर की शादी 21 जून को है और वाराणसी स्थित आवास पर 24 जून को रिसेप्शन है.

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट मंत्री बेटी की शादी में आमंत्रित करने के लिए पुराने दोस्त शिवपाल यादव से मिले थे, लेकिन उनकी मुलाक़ात के बाद अटकलों का दौर शुरू हो गया है. आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी हलकों में इस मुलाक़ात के मायने टटोले जा रहे हैं, क्योंकि उपचुनावों में बीजेपी की हार के लिए मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को दोषी ठहराया था. आगामी लोकसभा चुनाव शिवपाल यादव सपा के टिकट पर लड़ेंगे. हालांकि उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव के समय शिवपाल और अखिलेश में अनबन हो गई थी.
( इनपुट एजेंसी )