लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. योगी सरकार के बहुप्रतिक्षित परियोजना पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण अब अधर में लटक गया है. कैबिनेट ने इस एक्सप्रेस-वे के सारे टेंडर निरस्त कर फिर टेंडर करवाने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार ने टेंडर की दरों को और कम करने के लिए टेंडर निरस्त किया है. जल्द ही नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे.Also Read - कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन आज, UP के 9वें हवाई अड्डा से जुड़ी अहम बातें

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उन्होंने बताया कि अब शार्ट सिंगल प्रोसेस के जरिये नए टेंडर निकाले जाएंगे. इसके तहत वित्तिय एवं तकनीकी बिड एक ही साथ खोली जाएगी. इस प्रक्रिया में कुल लगभग 45 दिन का समय लग सकता है. हालांकि सरकार की तरफ से यह बताया गया कि पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के लिए वर्तमान में जो टेंडर जारी किए गए थे, उनके मुताबिक दरें 10.7 प्रतिशत तक ही पहुंच पाई थी. नए टेंडर में यह टेंडर और नीचे गिर सकते हैं, जिससे पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे की लागत में और कमी आने का अनुमान है. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कुल 17 प्रस्ताव आये थे, जिन्हें अनुमोदित कर दिया गया. Also Read - NRI के अकाउंट से बड़ी रकम उड़ाने की कोशिश, HDFC के तीन बैंककर्मियों समेत 12 लोग अरेस्‍ट

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बिजली चोरी रोकने को खोले जाएंगे एंटी थिफ्ट थाने

उन्होंने बताया कि सरकार ने उप्र में बिजली की चोरी रोकने के लिए अब एंटी थिफ्ट थाने खोलने का फैसला किया है. यह उप्र के सभी 75 जिलों में खोले जाएंगे. इसके लिए अलग से पद सृजित किये जाएंगे और इसका पूरा खर्चा उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड उठाएगा. शर्मा ने बताया कि एंटी थिफ्ट थाने में कुल 28 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, जिसमें एक इंस्पेक्टर, 5 उपनिरीक्षक, 11 हेड कांस्टेबल और 9 कांस्टेबल शामिल होंगे. इसमें दो कर्मचारी चतुर्थवर्ग से रखे जाएंगे. उन्होंने बताया कि इससे ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होगी और बिजली की चोरी को रोकने में मदद मिलेगी. पुलिस की अपनी कार्यो में व्यस्तता ज्यादा होती है, इसीलिए अलग से यह नियुक्तियां की जा रही हैं.

उप्र दुग्ध विकास नीति को मंजूरी

शर्मा ने बताया कि इसके अतिरिक्त कैबिनेट में उप्र दुग्ध विकास नीति को मंजूरी प्रदान कर दी गई. यह नीति पांच वर्ष के लिए प्रभावी रहेगी और इससे अगले पांच वर्षो में 10 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. योगी की कैबिनेट ने संतकबीर नगर में स्थित कबीर के निर्वाण स्थल मगहर में एक अंतर्राष्ट्रीय शोध अकादमी खोलने की मंजूरी प्रदान कर दी है. इस पर कुल 2493़ 75 लाख रुपये का खर्च आएगा.