कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के पडरौना-कसया मार्ग पर अर्जुनहां स्थित एफसीआई गोदाम पर सीबीआई की टीम ने छापा मारकर दो अफसरों को एक लाख रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया. सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने चावल की क्वालिटी ठीक दर्ज करने के नाम पर राइस मिल मालिक से एक लाख रुपये घूस लेते भारतीय खाद्य निगम के दो अफसरों को एफसीआई गोदाम से रंगे हाथ गिरफ्तार किया. Also Read - इस राज्य में 31 अक्टूबर तक रहेगा लॉकडाउन, जानें क्या-क्या राहतें मिलेंगी

भारतीय खाद्य निगम के दोनों अफसर पांच सौ क्विंटल चावल को गुणवत्तायुक्त बताने के नाम पर राइस मिल मालिक से रिश्वत ले रहे थे. मिल मालिक की शिकायत पर सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने दोनों रिश्वतखोरों को रंगे हाथों पकड़ने के बाद गिरफ्तार कर लिया. वाकया जिले के अहिरौली थाने के ग्राम असना का है. यहां के निवासी सुबोध कुमार सिंह की कप्तानगंज थाने के बोदरवार बाजार में राइस मिल है. Also Read - कार्यस्थल पर कैसे करें कोरोना से सुरक्षा? भारत सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश

बताया जा रहा है कि काफी समय से भारतीय खाद्य निगम के अफसर सुबोध कुमार सिंह से चावल को गुणवत्तायुक्त बताने के नाम पर लंबे समय से रिश्वत लेते आ रहे थे. उनके मुताबिक़ घूसखोरी को लेकर वह पूरी तरह से तंग आ चुके थे और इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का मन बनाया. उन्होंने बताया कि इसी दो जुलाई को वह लखनऊ पहुंच कर सीबीआई के एसपी से मिले और शिकायत की. इसके बाद सीबीआई की एंटी करप्शन विंग की दस सदस्यीय टीम, संदीप कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में बुधवार सुबह से ही पडरौना में डेरा डाले हुए थी और दोनों अफसरों पर निगाह रख रही थी. Also Read - हाथरस गैंगरेप की घटना से नाराज बॉलीवुड ने मांगा न्याय, इन एक्‍टर-एक्‍ट्रेसेस ने उठाई आवाज

दोनों अफसर गुरुवार की देर शाम जैसे ही राइस मिल पहुंचे और चावल को गुणवत्तायुक्त बताने के नाम पर एक लाख रुपए की रिश्वत की रकम ली टीम ने फौरन एफसीआई के कंट्रोल मैनेजर बृजेश कुमार व डिपो इंचार्ज सुशांत को रिश्वत की रकम के साथ धर दबोचा. टीम पकड़े गए अधिकारियों से सर्किट हाउस में देर शाम तक पूछताछ करती रही. उसके बाद एंटी करप्शन टीम ने पकड़े गए घूसखोर अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया और शुक्रवार को सीबीआई के लखनऊ स्थित चार नंबर कोर्ट में पेश किया.