अलीगढ़: नकल रोकने के लिए सख्ती बरती जाती है. स्टूडेंट्स की काफी मुस्तैदी के साथ जांच की जाती है. जूते चप्पल तक बाहर उतरवा दिए जाते हैं. हाल ही में हुए सीपीएमटी के एंट्रेंस एग्जाम के लिए ड्रेस कोड तक जारी कर दिया गया था. वहीं, अलीगढ़ के एक डिग्री कॉलेज में नकल रोकने के लिए जो तरीका निकाला, वह काफी अजीबो-गरीब है. कॉलेज प्रशासन ने नकल न हो इसके लिए टॉयलेट में ही सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए. इसके पीछे डिग्री कॉलेज का तर्क है कि लड़के कपड़ों में पर्चियां छिपाकर लाते थे और बार-बार टॉयलेट जाकर इन्हें देख नकल करते थे. इसलिए ऐसा किया गया है. Also Read - Check PMAYG 2021 Beneficiary List: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2691 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करेंगे पीएम मोदी, जानिए कैसे लें इस योजना का लाभ

कॉलेज का तर्क- टॉयलेट में करते थे नकल
मामला यूपी के अलीगढ़ शहर का है. यहां धरम समाज डिग्री कॉलेज स्थिति है. कुछ दिन पहले डिग्री कॉलेज प्रशासन ने टॉयलेट में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं. डिग्री कॉलेज ने ऐसा नकल रोकने के लिए किया. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि स्टूडेंट्स एग्जाम के दौरान कपड़ों में नक़ल छिपाकर ले आते हैं और एग्जाम के बीच बार-बार टॉयलेट जाकर पर्चियां देखते हैं और फिर आकर लिखते हैं. कई बार पर्चियां टॉयलेट में छिपा देते हैं. Also Read - Tandav Controversy Reel To Real: तांडव पर जारी है राजनीति-FIR-धमकी और माफी, उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश तक...

इससे प्राइवेसी नहीं होगी भंग
इस तरह से नकल रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन ने टॉयलेट में कैमरे लगवाने का फैसला लिया. कॉलेज के डॉ. हेम प्रकाश का कहना है कि नकल रोकने को ऐसा किया गया है. इसमें कोई प्राइवेसी भंग नहीं होती है. इसके लिए किसी तरह का हंगामा नहीं होना चाहिए.

स्टूडेंट्स ने इसके खिलाफ किया प्रदर्शन
कॉलेज प्रशासन का यह कदम चर्चा का विषय बना हुआ है. वहीं स्टूडेंट्स ने इसके खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया. स्टूडेंट्स का कहना है कि नकल करने वालों की अपने तरीकों से जांच करनी चाहिए. टॉयलेट में कैमरे लगवाना सही नहीं है. टॉयलेट करते हुए स्टूडेंट्स कैमरे में कैद होंगे उन्हें लोग देखेंगे, तो यह बेहद भद्दा नजारा होगा.