लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए उनकी तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से की, जिसने अपने पिता और चाचा को कैद कर दिया था.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जो अपने पिता और चाचा का नहीं हुआ, आप सबको खुद से जोड़ने की बात कर रहा है … इतिहास में एक चरित्र है, जिसने अपने पिता को जेल में डाल दिया था … यही वजह है कि कोई मुसलमान अपने बेटे का नाम औरंगजेब नहीं रखता … मुझे लगता है कि सपा के साथ कुछ ऐसी ही बात जुड़ी है.’

निषाद सम्मेलन के दौरान योगी की यह बात ऐसे समय आयी है, जब सपा की पारिवारिक अंतर्कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गयी है. असंतुष्ट चाचा शिवपाल सिंह यादव ने ‘समाजवादी सेक्युलर मोर्चा’ बना लिया है. उन्होंने 2019 में राज्य की सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

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शिवपाल ने कहा है कि वह अलग थलग पडे़ सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट करेंगे. शिवपाल ने सपा नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह उनकी डेढ़ साल से अनदेखी कर रहा था. उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को पर्याप्त सम्मान नहीं दे रहा है.

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इससे पहले शुक्रवार सुबह को यूपी के भाजपा प्रवक्ता चंद्रमोहन ने कहा था कि अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा शिवपाल यादव के साथ तो पारिवारिक गठबंधन निभा नहीं पा रहे हैं और भाजपा विरोधी राजनीतिक गठबंधन बनाने की बात कह रहे हैं. जिन व्यक्तियों ने उन्हें (अखिलेश) पाल-पोसकर राजनीति में खड़ा किया, उन्हीं से अखिलेश को खतरा हो गया है. इस सोच के चलते वह किसी अन्य दल से गठबंधन कैसे कर पाएंगे ? उन्होंने कहा कि आज अखिलेश की राजनीति में जो हैसियत है, वह उनके पिता और चाचा की बदौलत ही है जिन्होंने सपा की स्थापना कर उसे आगे बढ़ाया. प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश ने पहले तो अपने पिता से पार्टी का नेतृत्व छीना और अब उनकी घोर उपेक्षा भी कर रहे हैं.