लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में लॉकडाउन समाप्त होने के बाद औद्योगिक गतिविधियों को शुरू करने के लिये अधिकारियों को ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये हैं. उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव पूरी सकारात्मकता के साथ तैयार किया जाना चाहिये. कोरोना वायरस महामारी के प्रसार के बीच देशव्यापी लॉकडाउन के चलते वर्तमान में प्रदेश की अधिकांश औद्योगिक गतिविधियां रुकी हुई हैं. Also Read - Aligarh Muslim University में कोरोना के नए वेरिएंट की आशंका! 26 प्रोफेसरों की मात्र 20 दिन में मौत

मुख्यमंत्री शनिवार शाम यहां अपने सरकारी आवास पर कोविड-19 के मौजूदा दौर में औद्योगिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने पर केन्द्रित प्रस्तुतीकरण के बारे में जानकारी ले रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘बदली हुई वैश्विक परिस्थितियों में भारत अब निवेश का बेहतर गंतव्य हो सकता है. इसमें उत्तर प्रदेश बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. इसलिए निवेशकों को यह संदेश मिलना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में निवेश बहुत लाभकारी साबित हो सकता है. सभी निवेशकों की समस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित किया जाए.’’ Also Read - Covid-19 Vaccination In Maharashtra: महाराष्ट्र में अब तक 1.8 करोड़ से अधिक लोगों का टीकाकरण

उन्होंने कहा कि मौजूदा औद्योगिक इकाइयों को सक्रिय करने, प्रस्तावित इकाइयों को धरातल पर उतारने और नये निवेश को आकर्षित करने के लिए रणनीति बनायी जानी चाहिये. निवेशकों की समस्याओं को तत्काल शासन के संज्ञान में लाया जाना चाहिये. Also Read - Covaxin Price/Covishield price: प्राइवेट अस्पतालों में कितने रुपये खर्च करने पर मिलेगी कोरोना की वैक्सीन, जानें अपने शहर का रेट

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में मौजूद विभिन्न नीतियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए. उन्होंने श्रम कानूनों की समीक्षा करने और उनमें सुधार करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने सम्भावित निवेशकों की आवश्यकताओं के मद्देनजर भूमि बैंक बनाने पर बल देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की नई नीति पर भी विचार हो.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौजूदा खस्ताहाल औद्योगिकी इकाइयों की समीक्षा करते हुए उनकी ग्राह्यता पर विचार किया जाए. इनकी भूमि का बेहतर इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिये. उन्होंने बीमार इकाइयों पर निर्णय लेने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में दवा क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं. अतः इस पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिये. उन्होंने लखनऊ में फार्मा पार्क स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशने के लिए भी कहा है.

उन्होंने मौजूदा उद्योगों के लिए भारत सरकार की योजनाओं के तहत उन्हें अधिक से अधिक लाभान्वित करने की योजना पर प्रकाश डाला. उन्होंने विभिन्न राज्यों से उत्तर प्रदेश लौटे श्रमिकों के सेवायोजन के सम्बन्ध में भी विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि उद्योगों को चालू करने के नियमों में छूट देने पर भी विचार किया जा सकता है.

प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि उद्योगों के लिए ऋण की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी होगी. इसके लिए भारत सरकार और बैंकों से उद्योगों को ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समन्वय स्थापित करने आवश्यकता पर जोर दिया गया.