लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि प्रयाग में वर्ष 2019 के कुंभ से पहले गंगा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाया जाएगा. योगी ने यहां ईसा फाउण्डेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाने के लिए किये जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा, ‘यह सुनिश्चित करने के लिए वृहद स्तर पर कार्ययोजना प्रारंभ हुई है कि वर्ष 2019 में प्रयाग (इलाहाबाद) कुंभ से पहले गंगा में एक भी गंदा नाला ना गिरे, कोई कचरा ना गिरे . Also Read - मिलिंद सोमन की न्यूड फोटो की तुलना नागा बाबाओं से करने के बाद पूजा बेदी को बोले महंत- कुंभ आकर देखो...

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से गंगा एवं उसकी सहायक नदियों को ‘अविरल एवं निर्मल’ बनाये रखने की वृहद कार्ययोजना प्रारंभ की है. Also Read - कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा- अगर सरकारी पैसे से मदरसे नहीं चल सकते तो कुम्भ का आयोजन भी न हो

योगी ने कहा, ‘‘गंगा उत्तर प्रदेश के 25 जिलों से होकर बहती है. हमने पहले चरण में गंगा के तटवर्ती गांवों को ‘खुले में शौच से मुक्त’ करने का संकल्प लिया और इसके लिए कार्ययोजना बनाई. हमने इन गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने में सफलता हासिल की. Also Read - Kumbh 2021: उत्तराखंड में तैयारियां शुरू, जानें कोविड काल में कैसा होगा कुंभ 2021

ईसा फाउण्डेशन के संस्थापक जग्गी वासुदेव की मौजूदगी में योगी ने ‘नदी बचाओ’ अभियान के बारे में कहा कि यह केवल अभियान मात्र नहीं है, यह मात्र नारा नहीं है, बल्कि यह सृष्टि को बचाने का प्रयास है.

उन्होंने कहा कि ईसा फाउण्डेशन का ‘रैली फार रीवर्स’ कार्यक्रम सराहनीय है. उत्तर प्रदेश की नयी सरकार ने ये कार्यक्रम पहले ही यहां लागू कर दिये हैं. लखनऊ की गोमती नदी को जलमल शोधन संयंत्र के जरिए शोधित करने के कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने हाथ में लिया है ताकि गोमती के अस्तित्व को बचा सकें. इसके लिए कार्ययोजना प्रारंभ हो चुकी है.