Hathras gang-rape case: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हाथरस गैंगरेप पीड़िता के परिवार से बात की. उन्‍होंने परिवार को सांत्‍वना देते हुए जल्‍द से जल्‍द पीड़ित परिवार को न्‍याय दिलाने की भरोसा दिया है. सीएम ने पीड़िता के पिता से बात करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है.Also Read - UP: RSS नेता के बेटे की सुसाइड केस में सब-इंस्‍पेक्‍टर समेत 5 पुलिसकर्मी सस्‍पेंड

राज्य सरकार ने कहा, हाथरस गैंगरेप पीड़िता का परिजन 25 लाख रुपए एक्स-ग्रेसिया के रूप में और एक परिवार के एक सदस्य को गवर्नमेंट जॉब के साथ एक घर दिया जाए. मामले की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट में होगी. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी की गई है. Also Read - Uttar Pradesh Rural Economy: यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को 1 हजार करोड़ के निवेश से मिलेगी विकास की रफ्तार

मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया, “मुख्यमंत्री ने हाथरस की मृत युवती के पिता से बात की है. उसके पिता ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और मृतका के परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.” Also Read - Coronavirus in Uttar Pradesh Update: यूपी में कम हो रहा कोरोना संक्रमण, 11 जिलों में नहीं दर्ज किए गए सक्रिय मामले

दलित युवती का मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात को अंतिम संस्कार कर दिया गया. मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें आधी रात को अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर किया. स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने दावा किया कि अंतिम संस्कार “परिवार की मर्जी के मुताबिक” किया गया है. उन्होंने दावा किया कि अंतिम संस्कार के संबंध में आई खबरें “गलत” हैं.

हाथरस गैंगरेप के मामले में सीएम योगी ने करीब 8 घंटे पहले ट्वीट का बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हाथरस घटना पर वार्ता की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए. सीएम ने प्रशासन को भी पीड़िता के परिजनों को हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं.

पीएम की वार्ता से पहले सीएम योगी के कार्यालय ने कहा था कि हाथरस में बालिका के साथ घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दोषी कतई नहीं बचेंगे. प्रकरण की जांच हेतु विशेष जांच दल का गठन किया गया है. यह दल आगामी सात दिवस में अपनी रिपोर्ट देगा. त्वरित न्याय सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकरण का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा. सामूहिक बलात्कार और पीड़िता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी ने उप्र शासन के गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल के गठन के आदेश दिए. एसआईटी अपनी रिपोर्ट सात दिन में पेश करेगी.

बता दें कि हाथरस जिले में गत 14 सितम्बर को सामूहिक बलात्कार और गला दबाये जाने की घटना की शिकार हुई 19 वर्षीय दलित लड़की ने मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था. गत 14 सितंबर को प्रदेश के हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में 19 साल की एक दलित लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में लड़की ने आरोप लगाया कि संदीप, रामू, लव कुश और रवि नामक युवकों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया था. विरोध करने पर जान से मारने की कोशिश करते हुए उसका गला दबाया था. चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.